मुरादाबाद। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय की एमएड की प्रथम वर्ष की परीक्षा में 80 अंक के प्रश्नपत्र को 40 अंक का कर दिया। विश्वविद्यालय द्वारा बरती गई लापरवाही से विद्यार्थी तनाव में हैं। प्राचार्य का कहना है कि विवि ने जो सूचना मांगी थी वह दे दी गई।
विश्वविद्यालय द्वारा हिंदू कॉलेज में सात मई को साइक्लॉजिकल पर्सपेक्टिव ऑफ एजूकेशन की परीक्षा थी। पेपर सुबह आठ बजे से 11 बजे तक तीन घंटे का था। निर्धारित समय पर विद्यार्थी परीक्षा कक्ष में पहुंच गए थे। जब प्रश्नपत्र उनके हाथ में आया तो वह चौंक गए। इसमें सेक्शन ए में दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में चार सवाल पूछे गए थे, जिसमें से दो प्रश्नों के उत्तर विद्यार्थियों को देने थे। प्रश्नपत्र में प्रत्येक प्रश्न दस अंक का था। इस लिहाज से यह 20 अंक के हो गए। सेक्शन बी में लघु उत्तरीय प्रश्नों में सात सवाल दिए गए थे। इसमें से कोई चार प्रश्नों के उत्तर देने थे। प्रत्येक प्रश्न पर पांच अंक निर्धारित थे। इस तरह यह सेक्शन भी 20 अंक का हो गया। उनके प्रश्नपत्र पर पूर्णांक 40 लिखा हुआ था। शिक्षकों का कहना है कि प्रश्नपत्र का पूर्णांक 80 अंक होना चाहिए था। विद्यार्थियों की शिकायत पर विश्वविद्यालय को मामले की जानकारी दी गई। उन्होंने 80 अंक से मूल्यांकन करवाने का आश्वासन दिया है, लेकिन विद्यार्थी तनाव में हैं। बताया जाता है कि इससे लगभग 180 विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
इससे पहले भी बरती गई है लापरवाही
विश्वविद्यालय द्वारा प्रश्नपत्र में बरती गई लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। हिंदू कॉलेज में 19 फरवरी को ही एलएलबी की परीक्षा में हिंदू लॉ प्रश्नपत्र के बंडल में लॉ ऑफ टॉर्ट्स के प्रश्नपत्र पहुंच गए थे और कक्ष निरीक्षकों ने यह प्रश्नपत्र विद्यार्थियों को वितरित भी कर दिया था। विद्यार्थियों का आरोप था कि परीक्षा के लिए उन्हें अतिरिक्त समय नहीं मिला था।
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प्रश्नपत्र में हुई इस गलती की विश्वविद्यालय को जानकारी है। यदि हमसे पूछा जाएगा तो विधिक तौर पर हम अवगत करा देंगे। इस मामले में निर्णय विश्वविद्यालय को लेना है कि क्या रणनीति अपनाई जाएगी।
प्रो. सत्यव्रत सिंह रावत, प्राचार्य, हिंदू कॉलेज