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Moradabad News: एक साल में भी 85 बदमाशों के पैर में लगी पुलिस की गोली

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मुरादाबाद। जिले में अलग अलग थाना क्षेत्र में एक साल में 62 मुठभेड़ हुईं जिसमें 82 बदमाशों के पैर में पुलिस की गोली लगी है। जबकि दो बदमाश ढेर कर दिए गए। गोकशी, दुष्कर्म, हत्या और फिरौती मांगने वाले इन बदमाशों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया गया था। पुलिस का दावा है कि इन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर ही फायरिंग कर दी थी।
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उच्च न्यायालय ने पुलिस मुठभेड़ों में अभियुक्तों के पैरों में गोली मारने की बढ़ती घटनाओं पर नाराजगी जताई है। अगर मुरादाबाद की ही बात करें तो एक जनवरी से 31 दिसंबर 2025 के बीच पुलिस और बदमाशों में 62 जगह मुठभेड़ हुई। जबकि 2024 में 11 मुठभेड़ में 20 बदमाश घायल हुए। 2023 में 10 मुठभेड़ में 15 बदमाश, 2022 में 12 मुठभेड़ और 2021 में चार मुठभेड़ हुई थीं।
पिछले साल सात सितंबर की शाम करीब छह बजे कटघर के भदौड़ा दुर्गेश नगर निवासी हिस्ट्रीशीटर कमल चौहान की गोली मारकर कर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय वह अपने साथी के साथ घर लौट रहा था। इस मामले में कमल चौहान के भाई संजय ने मोहल्ले में रहने वाले हिस्ट्रीशीटर सनी दिवाकर, मोनू पाल, विक्की दिवाकर, निहाल वाल्मीकि, सुभाष यादव, नकुल यादव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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दो दिन बाद नौ सितंबर को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान सनी दिवाकर को गिरफ्तार किया था। उसके दोनों पैरों में गोली लगी थीं। इस हत्याकांड के दो आरोपी लकी यादव और अनमोल कश्यप ने एनकाउंटर के डर से पुलिस ऑफिस पहुंचकर सरेंडर किया था। 10 नवंबर की रात पुलिस और एसटीएफ ने भोजपुर क्षेत्र में मुठभेड़ में मेरठ के रसीद नगर निवासी आसिफ उर्फ टिड्डा और मेरठ के खिवाई निवासी दीनू को ढेर कर दिया गथा। आसिफ की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये और दीपू पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ के दौरान एसएसपी सतपाल अंतिल की बुलेटप्रूफ जैकेट में दो गोलियां लगी थीं।
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