मुरादाबाद। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से आयात में गिरावट दर्ज की गई है। जिले का आयात तीन महीने से करीब 16 प्रतिशत तक कम हो रहा है। कंटेनर डिपो के अनुसार, जहां तीन महीने पहले प्रतिमाह करीब 1800 ट्यूज उत्पाद का आयात होता था वहीं अब महीने में 1500 से एक हजार ट्यूज के बीच उत्पाद का आयात हो रहा है।
मुरादाबाद और उत्तराखंड के कारोबारी वेस्ट पेपर और फैक्टरियों में लगाने के लिए मशीनरी का आयात करते हैं। इन सामानों को मुरादाबाद कंटेनर डिपो के द्वारा लाया जाता है। फरवरी से मई के बीच आयात के ग्राफ में काफी अस्थिरता रही है। जहां फरवरी में आयात ने रफ्तार पकड़ी थी वहीं मार्च में इसका ग्राफ नीचे गिर गया। कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के टर्मिनल मैनेजर हरीश यादव ने बताया कि फरवरी में उत्पाद का आयात 1250 ट्यूज था जो मार्च में घटकर 1000 ट्यूज रह गया। अप्रैल में 1500 ट्यूज उत्पाद का आयात हुआ है। मई महीने के 13 दिन में 730 ट्यूज उत्पाद का आयात हुआ है। उन्होंने बताया कि आयात-निर्यात के लिए कंटेनर से उत्पाद को लाने और ले जाने में कोई समस्या नहीं आ रही है। उन्होंने बताया कि वेस्ट पेपर का उपयोग पेपर मिलों में कच्चे माल के रूप में होता है, जबकि मशीनरी का उपयोग नए उद्योगों के विस्तार के लिए किया जाता है।
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माह-आयात की मात्रा (ट्यूज)
फरवरी
-1250
मार्च- 1000
अप्रैल-1500
मई-730(13 मई तक)