23 जुलाई को अलीदाद खान का हुआ था हार्टअटैक से निधन
- फोटो : अमर उजाला
मामला कुंदरकी नगर के मोहल्ला कायस्थान का है। यहां के रहने वाले किसान दिलनवाज खान ने बताया कि 23 जुलाई को उनके पिता अलीदाद खान की हार्टअटैक से मौत हो गई थी। जिनके जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए स्टेशन वाली मस्जिद के पेश इमाम को वह बुलाने गए। दिलनवाज के मुताबिक, इमाम ने उनसे कहा कि उनके पिता भाजपा समर्थक हैं, उनका परिवार भाजपा को वोट देता है, हम तुम्हारे किसी काम में नहीं आएंगे।
एसडीएम ने मौके पर की जांच
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दिलनवाज का कहना है कि मजिस्द की कमेटी से जुड़े नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष के पति असलम खां, शमीम खां, शराफत खां और मतीन खां निवासी मोहल्ला कायस्थान के कहने पर ही इमाम मुफ्ती मोहम्मद राशिद निवासी स्टेशन वाली मस्जिद ने जनाजे की नमाज नहीं पढ़ाई। आरोपियों ने भाजपा को वोट देने पर झूठे मुकदमे में भी फंसाने की धमकी दी। दिलनवाज का कहना है कि आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। कस्बे में उसका परिवार अब अकेला है। उसकी तीन बहनें, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं जिससे परिवार समेत उसको जान का खतरा है क्योंकि यह लोग समाजवादी पार्टी के दबंग लोग हैं।
रिश्तेदार ने पढ़ाई थी किसान के जनाजे की नमाज
स्टेशन वाली मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद राशिद ने जब किसान अलीदाद खान के जनाजे की नमाज नहीं पढ़ाई तो उनके बेटे दिलनवाज खान के साले ने जनाजे की नमाज पढ़ाई जिसके बाद शव को कब्रिस्तान में दफन किया गया।
भाजपा को वोट देने पर हमें माना जा रहा है गैर इस्लामिक
किसान अलीदाद खान के बेटे दिलनवाज खान ने भावुक होकर मीडिया को बताया कि उनके पिता भाजपा समर्थक रहे और भाजपा को ही वोट देते थे इसलिए उनके परिवार को आरोपी पक्ष के लोग गैर इस्लामिक ही मानते हैं। उन्हें समाज से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है।
धर्म के खिलाफ बयान करते थे अलीदाद : मुफ्ती राशिद
स्टेशन वाली मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती मोहम्मद राशिद ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि किसान अलीदाद धर्म के खिलाफ बयान करते थे इसलिए वह उनके दफीने में शरीक नहीं हुए। रहा जनाजे की नमाज पढ़ाने का सवाल तो उनके रिश्तेदार ने जनाजे की नमाज पढ़ाई है जिसका पहला हक होता है। इमाम ने कहा उनका राजनीति से कोई वास्ता नहीं है जिसका सहारा लेकर किसान का बेटा अपना पक्ष भारी करना चाहता है।