मुरादाबाद। उमस और गर्मी से परेशान शहरवासियों और फसल के लिए बारिश की बाट जोह रहे किसानों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। इस बार तय समय से चार दिन पहले ही मानूसन ने मुरादाबाद सहित आसपास के इलाकों में दस्तक दे दी है। अमूमन 25 जून और उसके आसपास मानसून की दस्तक होती है। इस बार 23 जून को मानूसन आने का पूर्वानुमान जारी किया गया था।
शुक्रवार सुबह से ही दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। अगले दो दिनों में मध्यम से तेज बारिश के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस महीने के बचे हुए अधिकांश दिन बारिश होगी। शुक्रवार सुबह काफी तेज बारिश हुई लेकिन इसके बाद मध्यम गति से रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश के कारण तापमान में भी पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री पहुंच गया जिससे गर्मी से काफी राहत मिली। न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंत कृषि विवि के विशेषज्ञ आरके सिंह के अनुसार दक्षिणी पूर्वी दिशा की ओर से हवा चल रही है। शुक्रवार को करीब 15 से 20 मिलीमीटर बारिश हुई है, लेकिन अगले दो दिन मध्यम से तेज बारिश के आसार हैं। शनिवार को 60 और रविवार को 50 मिलीमीटर बारिश की उम्मीद है।
पिछले साल 3 जुलाई को आया था मानसून
पंत विवि के विशेषज्ञ आरके सिंह के अनुसार 2020 में मानसून तीन जुलाई को आया था लेकिन मानसून आने का आंकलन पिछले 10 साल के औसत आधार पर किया जाता है। इस आधार पर इस वर्ष 22 जून को मानसून मुरादाबाद में पहुंचने की संभावना थी लेकिन ये चार दिन पहले शुक्रवार को पहुंच गया है, इस कारण इस साल मानसूनी सीजन में सामान्य बारिश के आसार हैं, जबकि पिछले साल सामान्य से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई थी।
धान को फायदा, मेंथा को नुकसान
इन दिनों धान की बुआई भी चल रही है जिसमें किसान को पानी की आवश्यकता होती है। इस बारिश से धान बुआई कर रहे किसान काफी खुश हैं। इसके अलावा गन्ने और अन्य फसलों के लिए भी ये बारिश फायदेमंद रही है। गन्ने के खेतों में पानी की कमी दूर हो गई है लेकिन मेंथा की फसल के लिए मानसून का जल्दी आना नुकसानदायक है। मेंथा किसानों का कहना है कि मेंथा की फसल कटाई पर है उम्मीद थी कि मानसून 25 जून के बाद आएगा लेकिन इस बार जून में कई बार बारिश के कारण मेंथा को नुकसान हुआ है।