कलक्ट्रेट पर ज्ञापन सौंपकर आते आईएमए के पदाधिकारी।
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मुरादाबाद। डाक्टरों के प्रति हुईं हिंसात्मक घटनाओं के खिलाफ में आईएमए ने शुक्रवार को अपना विरोध जताया। डॉक्टरों ने काली पट्टी और काला मास्क लगाकर काम किया। काली शर्ट पहनकर आईएमए भवन में जुटे डॉक्टर जुलूस की शक्ल में डीएम ऑफिस पहुंचे और प्रधानमंत्री को संबोधित पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा।
आईएमए के प्रेसीडेंट डॉ. भगतराम राणा ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच डॉक्टर मरीजों के इलाज में जुटे रहे। लेकिन इन डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ शारीरिक हिंसा की बढ़ती घटनाओं को देखकर आईएमए दुखी है। असम में युवा डाक्टरों पर हमला और देश भर में महिला डाक्टरों पर हमले वास्तव में डाक्टरों को मानसिक आघात दे रहे हैं।
सेक्रेटरी डॉ. प्रीति गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा से जुडे़ लोगों कोे सुरक्षा मुहैया कराई जाए। केंद्रीय अस्पताल और हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स सुरक्षा अधिनियम में आईपीसी की धारा और आपराधिक गतिविधि संहिता शामिल कराई जाएं। प्रत्येक अस्पताल में सुरक्षा के मानक बढ़ाए जाएं। अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई और उन्हें सख्त सजा दिलाने के प्रावधान की व्यवस्था की जाए।
बाद में डाक्टरों का समूह डीएम ऑफिस पहुंचा और प्रधानामंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सेक्रेटरी डॉ. नितिन बत्रा, डॉ. बबीता गुप्ता, डॉ. पायलपुरी, डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. निधि, डॉ. विमिता, डॉ. स्मिता गोयल, डॉ. वीएस दीक्षित, डॉ. रवि गंगल, डॉ. एरम परवीन, डॉ. गौरव आदि मौजूद रहे।