ई-कचरा जलाया तो जेल की हवा खाने को रहें तैयार

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ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद।

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जिलाधिकारी ने ई कचरा जलाकर राम गंगा नदी में प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। उन्हें धारा 135 के तहत कार्रवाई के आदेश किए हैं।  यह फैसला डीएम राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में लिया गया। बैठक में डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और कहा कि दस दिन के अंदर राम गंगा के पेटे में अवैध निर्माण का चिन्हांकन कर रिपोर्ट दें। चिन्हांकन नीव भरे, निर्माणाधीन और निर्मित भवन श्रेणी तय की गईं हैं। इनमें पहले नींव भरे भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। दूसरे फेज में निर्माणाधीन तथा तीसरे फेज में निर्मित भवनों को कानूनी प्रक्रिया केतहत खाली कराया जाएगा। डीएम ने कहा कि ई कचरा को दिल्ली से मुरादाबाद लाने  वाले ट्रकों के मालिकों के खिलाफ धारा 135 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसीलिए ऐसे ट्रकों की सूची आरटीओ से मांगी गई है। इन वाहनों को सीज करने की कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से की जाएगी। ऐसे वाहनों को कम से कम छह महीने तक सीज रखा जाएगा। साथ ही मालिक और चालक दोनों ही जेल जाएंगे। बैठक में कार्रवाई के लिए बिजली, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम बनाई गई है। बिजली विभाग को ऐसी फैक्ट्री का कनेक्शन काटने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने ईकचरा जलाने वालों के खिलाफ धारा 144 में कार्रवाई का भी आदेश किया है। इस धारा में प्रशासन को छह महीने तक जेल में रखने का अधिकार है। फिलहाल इस आदेश को 31 मार्च तक के लिए जारी किया है।
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Tags: e-waste , national green tribunel , environment ,

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