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आपकी खुद की शादी है तभी कटेगी चुनाव से ड्यूटी

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मुरादाबाद। पंचायत चुनाव में लगी ड्यूटी कटवाने को कर्मचारियों में होड़ सी मच गई है। कोई बहन की शादी बता रहा है तो कोई चचेरे भाई की। किसी के बच्चे छोटे हैं तो कोई अपनी या माता, पिता की बीमारी का तर्क देकर ड्यूटी कटवाना चाहता है। करीब 12 सौ के आसपास आवेदन इस संबंध में पहुंच चुके हैं ।
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जिले में पंचायत चुनाव के लिए कुल 2437 बूथ बनाए गए हैं। प्रत्येक बूथ पर चार कर्मचारी होते हैं। ऐसे में बूथ के लिए ही 9748 कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी। दस प्रतिशत रिजर्व स्टाफ होता है। इस तरह ये संख्या कुल मिलाकर 10722 बैठती है। इसके अलावा 230 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 16 जोनल मजिस्ट्रेट भी लगाए जाएंगे। इस तरह यह आंकड़ा 11 हजार के करीब है, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के माहौल में चुनाव हो रहे हैं। चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारी और कर्मचारी भी कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन रिजर्व स्टाफ की संख्या भी बढ़ाकर 10 से 20 फीसदी करने जा रहा है, लेकिन कर्मचारी लगातार अपनी ड्यूटी कटवाने को भागदौड़ कर रहे हैं। कोई परिवार में शादी बता रहा है तो कोई माता, पिता की बीमारी का तर्क दे रहा है। कुछ कर्मचारी तो परिवार में कोरोना संक्रमित केस मिलने की बात कर रहे हैं। कुछ महिला कर्मी दुधमुंहा बच्चा होने के कारण ड्यूूटी कटवाना चाहती हैं। इसी तरह कई तरह के तर्क देकर कर्मचारी ड्यूटी कटवाने के लिए प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। ऐसे में अधिकारी भी परेशान हैं।
पंचायत चुनाव के कर्मिक प्रभारी सीडीओ आनंद वर्धन ने बताया कि जिले में कर्मचारी सीमित हैं। कोरोना माहामारी के कारण इस बार 20 फीसदी कर्मियों को रिर्जव में रखा जा रहा है लेकिन कर्मचारी लगातार ड्यूटी कटवाने को सिफारिश लगवा रहे हैं, आवेदन दे रहे हैं। करीब 12 सौ के आसपास आवेदन आ चुके हैं। इनमें कुछ वास्ताव में सही हैं। जो कोरोना संक्रमित हो गए हैं या जिन महिलाओं के छोटे दुधमुंहे बच्चे हैं, या पति पत्नी दोनों की ड्यूटी लगी है तो ऐसे केस में ड्यूटी काटी जा रही है। मगर बहुत से लोग तो दोस्त, रिश्तेदार या परिवार में किसी सदस्य की शादी की बात कहकर ड्यूटी कटवाना चाहते हैं। कुछ पुरानी बीमारी बता रहे है,ं ऐसे में इन सबकी ड्यूटी नहीं काटी जा सकती। जिनकी खुद की शादी है, उनकी ड्यूटी कट सकती है। रिश्तेदार या परिवार में शादी की वजह से ड़यृटी कटना संभव नहीं है। इसलिए कर्मचारी बिना गंभीर वजह चुनाव ड्यूटी कटवाने का प्रयास न करें।
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महिला कर्मचारी को पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी नहीं
पंचायत चुनाव के कर्मिक प्रभारी आनंद वर्धन ने बताया कि पंचायत चुनाव में महिलाओं को पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी नहीं दी गई है। पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी न मिलने से महिला कर्मियों को कुछ राहत जरूर मिलेगी। क्योंकि पीठासीन अधिकारी की सबसे अधिक जिम्मेदारी होती है और मतपेटी भी उसे ही जमा करानी पड़ती है।
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ड्यूटी कटवाने के लिए ये हैं तर्क
-परिवार में बहन,भाई या रिश्तेदारी में शादी
-घर में दुधुमुंहे और छोटे बच्चों की देखभाल
-बुजुर्ग माता-पिता या सास-ससुर
-परिवार के सदस्य का कोरोना संक्रमित होना
-बुजुर्ग कर्मी पुरानी बीमारी होने का तर्क दे रहे
-पति-पत्नी दोनों की ड्यृटी लग जाना
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