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Moradabad News: रेलवे स्टेशन पर दिखे वांटेड तो फौरन पहचान लेंगे कैमरे, मिलेगा अलर्ट

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मुरादाबाद। रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा अब और सख्त होने जा रही है। मुरादाबाद मंडल मुख्यालय समेत देश के चुनिंदा रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही हाईटेक वीडियो सर्विलांस सिस्टम लगाया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत यदि कोई वांटेड या घोषित अपराधी स्टेशन परिसर में नजर आता है, तो कैमरे तुरंत अलर्ट जारी कर संबंधित अधिकारियों को सूचना देंगे।
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मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, देहरादून, हरिद्वार आदि स्टेशनों पर पहले चरण में इन्हें लगाया जाएगा। रेलवे ने इसके लिए बजट में प्रावधान किया है। पुराने सीसीटीवी कैमरों और डीवीआर सिस्टम को हटाकर फेशियल रिकॉगनिशन तकनीक से लैस आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे दिन के साथ-साथ रात में भी उतनी ही सटीकता से काम करेंगे। नई व्यवस्था के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी के साथ-साथ स्टेशन मास्टर के केबिन में भी मॉनिटरिंग स्क्रीन लगाई जाएगी। इससे स्टेशन पर होने वाली हर गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर फौरन कार्रवाई संभव होगी। इन कैमरों की खास बात यह होगी कि इनमें पारंपरिक डीवीआर की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरा डेटा रेलवे के क्लाउड सिस्टम में सुरक्षित रहेगा। साथ ही आईपी आधारित यह कैमरे इंटरनेट के जरिए संचालित होंगे, जिससे अधिकारी देश के किसी भी हिस्से से मोबाइल या कंप्यूटर पर लाइव फीड देख सकेंगे।
रेलवे की योजना के तहत देशभर के करीब 2000 स्टेशनों पर यह हाईटेक सिस्टम लगाने की तैयारी है। इससे यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होगी और अपराधियों पर शिकंजा कसने में बड़ी मदद मिलेगी। रेलवे ने पिंक बुक में इसके लिए बजट जारी किया है। सभी आरपीएफ और जीआरपी के थानों और चौकियों से स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का विवरण मांगा गया है, जिससे इनकी जगह वीडियो सर्विलांस सिस्टम लगाया जा सके।
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सीसीटीवी से ऐसे अलग है हाईटेक सर्विलांस सिस्टम
पुराने सीसीटीवी की फुटेज सिर्फ डीवीआर के पास बैठकर ही देखी जा सकती है। वहीं नए सिस्टम में अधिकारी मोबाइल या लैपटॉप के जरिए कहीं से भी लाइव निगरानी कर सकते हैं। आधुनिक सर्विलांस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुविधा होती है। यह मोशन डिटेक्शन, फेशियल रिकग्निशन और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत अलर्ट भेज सकता है। आईपी कैमरे हाई क्वालिटी यानी एचडी और फोर-के में वीडियो रिकॉर्ड करते हैं, जिससे हर गतिविधि साफ दिखाई देती है। जबकि सामान्य सीसीटीवी की तस्वीर अपेक्षाकृत कम स्पष्ट होती है। पुराने सीसीटीवी में डेटा डीवीआर में ही स्टोर होता है, वहीं नए सिस्टम में क्लाउड स्टोरेज का इस्तेमाल होता है, जो ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता है।

वर्जन
पिंक बुक में हाईटेक वीडियो सर्विलांस सिस्टम के लिए बजट का जिक्र है। इससे रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा और मजबूत होगी। घोषित अपराधियों को पकड़ने में यह पुलिस के लिए भी मददगार साबित होंगे। दूर-दराज के स्टेशनों की मॉनिटरिंग भी मंडल मुख्यालय से हो सकेगी।
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- आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम
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