खुफिया एजेंसियों द्वारा दिए जाने वाले आतंकी इनपुट को प्रदेश हल्के में ले रहे हैं। सटीक सूचनाएं होने के बावजूद भी छानबीन नहीं की जाती है। आईबी की नेशनल इंटेलीजेंस अकादमी (दिल्ली) में पांच दिन तक चले स्पेशल कोर्स में कहा गया कि हर राज्य में आतंकी संगठन अपना नेटवर्क बना रहा है लिहाजा चौकसी की जरूरत है। अब अतिरिक्त अलर्टनेस जरूरी हो गई है। आतंकी संगठनों ने देश भर में अपना नेटवर्क बना लिया है।
लश्कर-ए-तैइबा, हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और आईएस समेत कई संगठन अंदरूनी इलाकों तक अपनी पैठ बनाने लगे हैं। नौजवानों को बरगलाकर अपने साथ जोड़ रहे हैं। इस प्रकार के मामले कई राज्यों में सामने भी आ चुके हैं। इस प्रकार की घटनाओं पर गृह विभाग भी चौकस हो गया है। दिल्ली में आईबी की नेशनल इंटेलीजेंस अकादमी में पांच दिवसीय एक स्पेशल कोर्स कराया गया था। जिसमें सभी राज्यों से पुलिस अधिकारी, सीबीआई आफिसर, खुफिया एजेंसियों के अधिकारी बुलाए गए थे।
इस कोर्स में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व पीटीएस के आईजी भजनीराम मीना ने किया था। ट्रेनिंग से लौटे आईजी ने बताया कि वहां आईबी और रॉ के अफसरों ने ट्रेनिंग दी थी। देश में सक्रिय आतंकी संगठनों के बारे में तो बताया ही साथ में सभी राज्यों से सहयोग भी मांगा गया है। जम्मू कश्मीर और चाइना बॉर्डर पर आने वाली दिक्कतों को भी यहां साझा किया गया। ट्रेनिंग में कहा गया कि कई दफा जब राज्यों को अलर्ट का संदेश दिया जाता है तो तमाम जगहों पर इसकी जानकारी तक नहीं होती है। अधिकारी उस मैसेज को तत्काल आगे नहीं बढ़ाते हैं। जबकि तत्काल रेस्पांस आना चाहिए। इतना ही नहीं जिन स्थानों पर अतिरिक्त चौकसी की बात की जाती है वहां भी उस तरह से अलर्टनेस नहीं होती है।