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Moradabad News: मैंने तो अपनी बेटी खो दी कोई दूसरी बच्ची न हो कुत्तों का शिकार

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मुरादाबाद। डिलारी के काजीपुरा में कुत्तों के झुंड के हमले में जान गंवाने वाली चार साल की बच्ची नुरसद के पिता नौशाद ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी तो खो दी लेकिन अब कोई और बच्ची इन खूंखार कुत्तों का शिकार न हो। उन्होंने मांग रखी है कि प्रशासन विशेष अभियान चलाकर ऐसे कुत्तों को पकड़वाए। नौशाद के परिवार के साथ ही इस घटना से पूरा गांव दुखी है।
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डिलारी क्षेत्र के काजीपुरा गांव निवासी नौशाद की बेटी नुरसद (4) घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान बच्ची अचानक गायब हो गई थी। काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजन उसकी तलाश में जुट गए थे। रात करीब आठ बजे परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश करते हुए तालाब के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कुत्तों का झुंड बच्ची को नोच रहा था। कुत्ते बच्ची का एक पैर खा गए थे। लोगों ने कुत्तों को भगाकर बच्ची को उतारा तब तक बच्ची की सांसें थम चुकी थी। सोमवार की रात से लेकर मंगलवार को दिन नौशाद के घर लोगों का आना जाना लगा रहा। नौशाद ने बताया कि बेटी घर के बाहर खेलते हुए गायब हो गई थी। नौशाद ने मांग रखी है कि खुंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए। ग्राम पंचायत काजीपुरा के ग्राम प्रधान फारूख अहमद ने खंड विकास अधिकारी से गांव में कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।


गांव में छह माह में 12 लोगों को शिकार बना चुके कुत्ते
डिलारी। काजीपुरा में पिछले छह माह में 12 से ज्यादा लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। दो पहिया वाहन और चार पहिया वाहनों के पीछे पीछे दौड़ते हैं। एक सप्ताह पहले एक युवक बाइक से गुजर रहा था तो कुत्तों को झुंड ने हमला कर दिया था। जिसमें युवक बाइक समेत सड़क पर गिर गया था। जिसमें वह घायल हो गया था। लोगों ने किसी तरह उसकी जान बचाई थी। काजीपुरा के ही आरिस, मोहम्मद मोरिस, मुर्सलीन समेत अन्य बच्चों को भी कुत्ते काट चुके हैं।
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बच्ची के शव को किया गया सुपुर्दे खाक
डिलारी। नौशाद के परिवार में पत्नी साजिया खान और बड़ी बेटी आयत खान और बेटा मोहम्मद मौरिस खान है। कुत्तों का शिकार हुई बच्ची नुरसद सबसे छोटी बेटी थी। मंगलवार को परिजनों ने बच्ची के शव काे सुपुर्दे खाक कर दिया।

युवाओं ने संभाला मोर्चा, लाठी डंडे से कुत्तों को दौड़ा रहे
डिलारी। काजीपुरा गांव में बच्ची की मौत के बाद युवाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। वह गांव के आस पास घूमने वाले खुंखार कुत्तों को लाठी डंडे से दौड़ा रहे हैं। इस घटना के बाद बच्चों ने घर के बाहर खेलना बंद कर दिया। नौशाद के अलावा अन्य लोग भी दुखी हैं और उन्होंने अपने बच्चों की निगरानी बढ़ा दी है।
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