मुरादाबाद के मझोला थानाक्षेत्र में हुई पांच वर्षीय ध्रुव के अपहरण के मामले में मंगलवार को खुलास?
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मुरादाबाद। आरोपी अशफाक शातिर दिमाग है। उसने फेसबुक पर निशा परवीन नाम से फर्जी आईडी बनाई थी। पुलिस का दावा है कि इस फेसबुक आईडी पर पहले शिखा के पति गौरव चैटिंग करते थे। इसके बाद गौरव ने निशा परवीन को अपनी पत्नी से फेसबुक पर ही मिलवाया। इस पर अशफाक ने कुछ दिन में शिखा के सामने अपना राज खोल दिया और उसका आशिक बन गया।
गौरव ने जब फेसबुक पर शिखा और निशा परवीन बने अशफाक का परिचय कराया तो दोनों के बीच चैटिंग का सिलसिला शुरू हो गया।। इसी बीच एक दिन अशफाक ने अपना राज खोल दिया था। उसने शिखा को बता दिया था कि वह निशा परवीन नहीं है, बल्कि अशफाक उर्फ सोना है। शिखा भी उसके जाल में फंस गई। दोनों के बीच कई कई घंटे चैट होने लगी। आरोपी अशफाक आईटीआई कोर्स कर चुका है। वह निजामाबाद में ही ट्रांसफार्मर ठीक करने का कार्य करता है। उसे सोशल मीडिया और इंटरनेट की अच्छी जानकारी है। उसने पहले शिखा से ही इंटरनेट कॉल की थी। जब वह इंटरनेट कॉल करने में सफल हो गया। तब उसने फिरौती की रकम इंटरनेट के जरिये मांगने की योजना बनाई थी।
मौसी जी के नाम से सेव किया था प्रेमी का मोबाइल नंबर
मरादाबाद। प्रेमी के साथ घर बसाने के चक्कर में बेेटे का अपहरण करवाने वाली मां शिखा दो साल से अपने पति की आंखों में धूल झोंक रही थी। वह अपने पति के सामने भी प्रेमी से बातचीत कर लेती थी। इसकी भनक गौरव को भी नहीं चली। बातचीत के दौरान शिखा फोन पर मौसी ही बोलती थी और उसने अपने मोबाइल में भी मौसी जी नाम से ही प्रेमी का मोबाइल नंबर सेव किया था।