जिला अस्पताल में भर्ती मरीज का ठीक ढंग से इलाज नहीं होेने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को जिला अस्पताल के गेट नंबर दो सामने मां अपने दो बेटों के साथ बीच सड़क पर लेट गई। इस दौरान सड़क पर जाम लग गया। मां का कहना था कि उसका बेटा पांच दिन अस्पताल में भर्ती है, लेकिन डाक्टर उसे नहीं देख रहे। बाद में पहुंची पुलिस ने तीनों समझाबुझाकर अस्पताल ले गई।
भोजपुर के मोहल्ला मनिहारन निवासी इम्तियाज (35) पुत्र कल्लू 21 अप्रैल को पीपलसाना रेलवे क्रासिंग पार करा था। इस दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसका एक पैर कट गया। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इमरजेंसी में इलाज के बाद डाक्टरों ने उसे हड्डी वार्ड में शिफ्ट कर दिया। सोमवार दोपहर इम्तियाज की मां जुलेखा अपने दोनों बेटे जुल्फिकार और इश्तिखार के साथ अस्पताल के गेट नंबर दो सामने बीच सड़क पर लेट गई। इसके चलते सड़क पर जाम लग गया।
परिजनाें का कहना था कि इम्तियाज के इलाज में लापरवाही बरती जा रही है। न कोई डाक्टर देखने आ रहा है और न ही कुछ बताया जा रहा है। दो बोतल खून चढ़ाया जा चुका है और डिमांड की जा रही है। परिजनाें का अस्पताल प्रशासन के खिलाफ तीस मिनट तक हंगामा चलता रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को समझाबुझाकर अस्पताल ले आई। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डा. वीके खरे ने बताया कि मरीज के परिजनों का आरोप निराधार है। इम्तियाज का बेहतर इलाज किया जा रहा है।