शहर के एक निजी अस्पताल के टॉयलेट में मिले बच्ची के भ्रूण मामले में उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग के सदस्य बृज भूषण ने मुरादाबाद के डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर दो सप्ताह में पूरे मामले की जांच करा कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने लिखा है कि ये कृत्य मानव अधिकार के हनन का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में कांठ रोड स्थित साहू रामेश्वर सरन कोठीवाल अस्पताल (एसआरएसके अस्पताल) के टॉयलेट में 4 से 5 माह की बच्ची का भ्रूण मिला था। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। इसके अलावा पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली थी। जिसके जरिए एक महिला को अस्पताल में आते और जाते हुए देखा गया था। 15 जून के अंक में अमर उजाला ने इस तस्वीर के रंग हटाए गए हैं, क्योंकि कहानी बड़ी बदरंग है...शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग के सदस्य बृज भूषण ने संज्ञान लिया है। उन्होंने डीएम और एसएसपी को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि ये कृत्य मानव अधिकार के हनन का प्रत्यक्ष उदाहरण है। इसे स्वप्रेरणा से संज्ञान में लेना उचित है। उन्होंने डीएम और एसएसपी को आदेशित किया है कि इस मामले में दो सप्ताह में जांच कराकर उसकी रिपोर्ट आयोग में पेश करें। दो जुलाई को इस मामले में रिपोर्ट के साथ पेश हों।
अब तक नहीं पकड़े गए बच्ची का भ्रूण फेंकने वाले
मुरादाबाद। कांठ रोड स्थित एसआरएसके अस्पताल के टॉयलेट में शुक्रवार सुबह 11 बजे बच्ची का भ्रूण मिला था। पुलिस ने फुटेज खंगाली थी। जिसमें एक महिला आते और जाते हुए दिखाई थी लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस अब तक उस महिला तक नहीं पहुंच पाई है। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर का कहना है कि महिला की तलाश में पुलिस टीम लगी है। जल्द ही महिला और इस मामले में जुड़े अन्य लोगों को पकड़ा जाएगा।