इस साल लगातार तीसरी बार मुकद्दस रमजान के बीच होली का उत्सव मनाया जाएगा। अबीर गुलाल उड़ेगा। इसके बाद यह संयोग 31 साल बाद आएगा जब होली का त्योहार रमजान के महीने में मनेगा। 2026 के बाद ऐसा मौका 2057 में ही दोबारा मिलेगा।
इस्लामिक कैलेंडर 33 साल में एक मौसमी चक्र को पूरा करता है। इसमें सर्दी, गर्मी और बारिश तीनों मौसम होते हैं। इस तरह 33 साल की अवधि में इस्लामिक त्योहार सभी मौसम से होकर गुजरते हैं। इस साल रमजान की शुरुआत 17 फरवरी से होने की उम्मीद है।
यह मौका करीब 22 साल बाद आएगा जब मुकद्दस रमजान का आगाज सर्दी के मौसम में होगा। यह स्थिति 11 साल तक बनेगी रहेगी। इसके बाद रमजान का महीना फिर बारिश और गर्मी के बीच पहुंच जाएगा।
इस साल एक संयोग और बन रहा है। लगातार तीसरी बार रमजान के बीच रंगों का उत्सव मनाया जाएगा। लेकिन इसके बाद इस मौके लिए 31 साल इंतजार करना पड़ेगा। वर्ष 2026 के बाद 2057 में यह संयोग दोबारा बनेगा जब माह-ए-रमजान में एक ओर जहां मुस्लिम समुदाय खुदा की इबादत करेंगा। वहीं दूसरी ओर इसी इबादत के महीने में हिंदू समुदाय अबीर गुलाल उड़ाकर रंगों का उत्सव मनाएगा।
दो साल लगातार रमजान के बीच मनेगी होली
2057 और 2058 में दो साल लगातार माह-ए-रमजान में रंगों का उत्सव मनाया जाएगा। 2057 में रमजान के महीने की अनुमानित अवधि 4 मार्च से 5 अप्रैल की बीच है। ऐसे ही 2058 में रमजान की अवधि 22 फरवरी से 25 मार्च के बीच है। 2057 में होली 20 मार्च और 2058 में नौ मार्च को होली मनाई जाएगी।
33 साल में एक मौसमी चक्र को पूरा करता है इस्लामिक कैलेंडर
मदरसा अरबिया इमदादिया के मोहतमिम एवं शेखुल हदीस मोहम्मद असजद कासमी बताते हैं कि रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है। रमजान की तारीखें इस्लामी कैलेंडर से तय होती हैं। जो एक हिजरी चंद्र कैलेंडर है जिसमें 12 चंद्र महीने होते हैं। हर महीना अर्द्धचंद्र के दिखने के साथ शुरू होता है।
चंद्र महीना 29 या 30 दिन का होता है, जिससे चंद्र वर्ष करीब 354 दिन का हो जाता है। ऐसे में सौर गणना आधारित ग्रेगोरियन वर्ष 10 से 12 दिन छोटा हो जाता है। इस अंतर के कारण रमजान हर साल ग्रोगोरियन कैलेंडर में पहले शुरू होता है और हर 33 साल में एक समय मौसमी चक्र को पूरा करता है।
| वर्ष |
रमजान की अवधि |
होली की तारीख |
| 2024 |
11 मार्च से 09 अप्रैल तक |
25 मार्च |
| 2025 |
02 मार्च से 31 मार्च तक |
14 मार्च |
| 2026 |
18 फरवरी से 19 मार्च तक |
04 मार्च |