Hizbul terrorist Ulfat Hussain: हिजबुल आतंकी उल्फत हुसैन ने रामपुर में दीनी तालीम ली। बरेली के मदरसे में भी पढ़ाई की। फिर मुरादाबाद में आतंक की नर्सरी तैयार करने लगा। उसने कई लोगों को अपने साथ जोड़ लिया और पाकिस्तान ले जाकर हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी कैंप में ट्रेनिंग दिलवाई।
जम्मू कश्मीर के फजलाबाद गांव के सरपंच अताउल्ला खां ने अपने बेटे उल्फत हुसैन को दीनी तालीम के लिए यूपी के अलग-अलग जनपदों में भेजा। उसने बरेली-रामपुर में दीनी तालीम तो ली, लेकिन फिर मुरादाबाद में आतंकी नर्सरी तैयार करने में जुट गया।
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उसने कई लोगों को अपने साथ जोड़ लिया और पाकिस्तान ले जाकर हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी कैंप में ट्रेनिंग दिलवाई और आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार किया।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि उल्फत हुसैन ने 1987 में हाईस्कूल और 1991 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इसके बाद वह 1992 में बरेली स्थित मदरसे में दीनी तालीम लेने पहुंच गया।
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वहां करीब एक साल तक उसने पढ़ाई की। इसके बाद वह रामपुर के पुराना गंज स्थित मदरसे में पहुंचा। वहां भी दीनी तालीम हासिल करने के बाद उसने बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया।
1995 में वह मुरादाबाद में गलशहीद थाना क्षेत्र के असालतपुरा स्थित हाफिज वाली मस्जिद में पहुंच गया। यहां पहले से जम्मू कश्मीर के रसीद नाम के मौलाना रहते थे। उनके साथ ही वह भी रहने लगा।
साथ ही युवाओं को दीनी तालीम देने लगा। इसी दौरान उसके संपर्क में मो. रिजवान, मो. तकी, जफर और नसीम आ गए। उन्हें तरह-तरह का लालच दिया और देश के खिलाफ भड़का कर आतंकी बना लिया।
तीन को ट्रेस कर चुकी है पुलिस, नसीम की नहीं मिल रही लोकेशन
आतंकी उल्फत के साथ जेल भेजे गए अन्य चारों आरोपी जमानत पर रिहा हो गए थे। पुलिस रिजवान, मोहम्मद तकी और जफर आलम को ट्रेस कर चुकी है। अब उल्फत को भी गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन अब तक नसीम के बारे में कोई जानकारी पुलिस नहीं जुटा पाई है।
एसपी सिटी ने बताया कि मूंढापांडे के सट्टू नगला निवासी मो. तकी उर्फ कारी तकी वर्तमान में कटघर क्षेत्र में काशीपुर तिराहा के पास सिद्दीकी कॉलोनी में रहता है और झाड़फूंक का काम करता है।
नागफनी थाना क्षेत्र के डिप्टी गंज में झब्बू का नाला निवासी मो. रिजवान ने पीतल का कारोबार शुरू कर दिया है। इसके अलावा रामपुर के मिलकखानम थाना क्षेत्र निवासी जफर आलम भी प्राइवेट नौकरी करता है। एसपी सिटी ने बताया कि नसीम के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पिता को चुनाव लड़ाने पहुंचा जम्मू कश्मीर, तभी आतंकियों के संपर्क में आया
एसपी सिटी ने बताया कि जम्मू कश्मीर में 1998 में सरपंच के चुनाव हुए थे। उल्फत हुसैन के पिता भी चुनाव लड़ रहे थे। इसकी जानकारी मिलने पर वह अपने गांव चला गया और अपने पिता को चुनाव लड़ाया। इस दौरान पीओके के लोग उसके पिता से मिलने आते थे। इसी दौरान उन्होंने उल्फत हुसैन से संपर्क किया।
1999 में वह पीओके में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कैंप में पहुंच गया था। करीब एक साल तक उसने आतंकी ट्रेनिंग ली। ट्रेनिंग लेने के बाद वह वापस जम्मू कश्मीर आया और इसके बाद 2000 में फिर से मुरादाबाद आ गया था। फिर यहां आतंक की नर्सरी तैयार करनी शुरू कर दी।
रिजवान और जफर आलम को ले गया सीमा पार
आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के सदस्य उल्फत हुसैन ने दोबारा मुरादाबाद आकर रिजवान हैदर, जफर आलम, मो. तकी और नसीम से संपर्क किया। उन्हें बताया कि वह पीओके में जाकर ट्रेनिंग लेकर आया है।
इसके बाद उसने सभी लोगों को बरगलना शुरू कर दिया। पुलिस का दावा है कि 2001 में वह रिजवान हैदर और जफर आलम अपने साथ पाकिस्तान ले गया और वहां ट्रेनिंग दिलाई। करीब छह माह बाद वापस आ गए थे। फिर हमले की तैयारी में थे।