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Moradabad News: जज के पिता की हत्या में हिस्ट्रीशीटर साले का दामाद और दोस्त गिरफ्तार

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मुरादाबाद। बुलंदशहर में एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात असमा सुल्ताना के पिता और शहर की मशहूर अलवीना बेकरी के संचालक मो. असद (62) की हत्या में शनिवार को पुलिस ने उनके साले हिस्ट्रीशीटर जफर के दामाद मो. फैजान और उसके दोस्त आलमगीर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि दोनों हत्या की साजिश में शामिल रहे हैं। इनसे पूछताछ में यह बात सामने आई है कि जफर का अपने छोटे भाई से विवाद चल रहा था। मो. असद छोटे साले के समर्थन में थे। इसी बात से जफर नाराज था। पुलिस जफर और उसके दो बेटों की तलाश में जुटी है।
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सिविल लाइंस जिगर काॅलोनी निवासी एवं अलवीना बेकरी के संचालक की बेटी असमा सुल्ताना और लाजपत नगर निवासी दामाद मोहम्मद जुल्करनैन आलम जज हैं। दोनों बुलंदशहर में एडिशनल सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात हैं। दूसरी बेटी अलमस सुल्ताना अलीगढ़ विश्व विद्यालय में असिस्टेट प्रोफेसर हैं। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की मो. असद ने जिगर कॉलोनी में ही अपने घर के पास नमाज पढ़ी थी और रोजा इफ्तार किया था। इसके बाद वह अपने छोटे साले मुजाहिद उर्फ डेनियल के साथ स्कूटी से कोतवाली स्थित लाल मस्जिद में तरावीह पढ़ने जा रहे थे। नागफनी क्षेत्र के बंगला गांव चौराहे पर पीछे से बाइक से आए जफर हुसैन ने अपने बहनोई मो. असद के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में छोटे साले ने नागफनी के ढहरिया निवासी अपने बड़े भाई जफर हुसैन, इसके बेटे सैफुल जफर, हुसैन, जफर के दामाद मुगलपुरा के मोहल्ला कानून गोयान निवासी मो. फैजान कटघर निवासी आलमगीर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शनिवार को पुलिस ने मो. फैजान और आलमगीर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि मो. असद जफर और उसके परिवार की आर्थिक मदद करते थे। जफर के छोटे भाई का एक मकान आशियाना कॉलोनी में था। आरोप है कि धोखाधड़ी से जफर ने इस मकान को बेच दिया था। इस मामले में जफर, उसकी पत्नी और बेटों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मो. असद ने भी जफर से दूरी बना ली थी और छोटे साले के समर्थन में आ गए थे। इस बात से जफर चिढ़ने लगा था। उसने शुक्रवार को मौका पाकर हत्या कर दी थी। एसएसपी सतपाल अंतिल का कहना है कि पारिवारिक और संपत्ति विवाद में हत्या किए जाने की बात सामने आई है। आरोपी जफर और अन्य की तलाश की जा रही है।


चार दिन पहले ही परिवार भेज दिया था जम्मू कश्मीर
मुरादाबाद। मो. जफर ने अपने बहनोई मो. असद की हत्या की योजना कई दिन पहले ही बना ली थी। उसने अपने परिवार को चार दिन पहले ही जम्मू कश्मीर भेज दिया था। इसके बाद वह अपने साथी के साथ मिलकर अपने बहनोई की रेकी करने लगा था। शुक्रवार की शाम करीब सवा सात बजे उसने बंगला गांव चौराहे पर मो. असद की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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रामपुर से आकर खड़ा किया कारोबार
मुरादाबाद। मो. असद मूल रूप से रामपुर के दो महला मोहल्ले के रहने वाले थे। तीनों भाइयों में वह सबसे छोटे थे। सबसे बड़े भाई मो. उस्मान का परिवार रामपुर में ही रहता है जबकि मो. असद अपने दूसरे नंबर के भाई मो. फारुख के साथ साल 1980 में मुरादाबाद लाल मस्जिद के पास मकान बनवाकर बस गए थे। उन्होंने परचून की दुकान खोलकर अपना रोजगार शुरू किया था। 1993 में पहली बार हज करने गए थे। विदेश में जाकर मो. असद ने मॉल और बेकरी का कारोबार देखा था। इसके बाद मुरादाबाद लौटने पर उन्होंने बेकरी का कारोबार शुरू कर दिया था। सबसे पहले लाल मस्जिद के पास ही बेकरी शुरू की। इसके बाद धीरे धीरे कारोबार बढ़ता चला गया। वर्तमान में करूला, इंद्रा चौक, मंडीबास, कांठ रोड और जिगर काॅलोनी में बेकरी खोली जा चुकी हैं।

एक फीट की दूरी से मारी गोली, उड़ा गया भेजा

नागफनी की पुलिस ने शनिवार की सुबह मो. असद के शव का पोस्टमार्टम कराया। इससे पहले गोली के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट देखने के लिए एक्सरे कराया गया। शनिवार शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि बेकरी संचालक मो. असद को एक से डेढ़ मीटर की दूरी से सिर में दाहिनी साइड से गोली मारी गई थी। गोली भेजा उड़ाते हुए बायी साइड में गाल के पास से बाहर निकल गई थी।
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