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Moradabad News: अब स्वदेशी कैमरों से होगी हाईवे की निगरानी, चीन निर्मित हटेंगे

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मुरादाबाद। अब हाईवे की निगरानी स्वदेशी कैमरों से होगी। चीन के कैमरों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। नई व्यवस्था के लिहाज से लिहाजा दिल्ली हाईवे पर मुरादाबाद से बरेली तक कैमरे लगाने की कवायद फिलहाल रोक दी गई है। कार्यदायी संस्था चीन निर्मित कैमरे वापस करके हाईवे पर स्वदेशी कैमरे लगाएगी।
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एनएचएआई मुरादाबाद एवं गाजियाबाद जोन के पीडी अरविंद कुमार ने बताया कि मुरादाबाद-बरेली हाईवे पर यातायात प्रबंधन के लिए एनएचएआई के अधिकारियों की देखरेख में 121 किलोमीटर तक कार्यदायी संस्था ने कैमरे लगाने के लिए 60 करोड़ का ठेका लिया है। कंपनी ने कैमरे लगाने के लिए गड्ढों की खोदाई शुरू कर दी थी। मुरादाबाद से बरेली जिले के ग्राम रजऊपरसपुर तक उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएमएस) के तहत 136 कैमरे लगाए जाने की जगह चिह्नित हुई है। इस रोड पर 22 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन एंड इंफोर्समेंट सिस्टम (वीआईडीईएस) कैमरे लगने हैं। वीआईडीईएस कैमरे यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर ई-चालान करने में सक्षम होते हैं। हाईवे पर मैसेज दर्शाने के लिए 26 स्थानों पर पोर्टल सिस्टम भी लगने हैं।

फिलहाल कैमरे लगाने के लिए एक लाख मीटर से ज्यादा लंबी केबल (ओएफसी) बिछाई जानी है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद हाईवे पर सुरक्षा के चलते अब चाइनीज कैमरे नहीं लगेंगे। कार्यदायी संस्था ने चाइनीज कैमरे वापस करना शुरू कर दिया है।
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दो स्थानों पर बनेंगे कमांड सेंटर

एनएचएआई के मुताबिक मुरादाबाद पुराना टोल टैक्स प्लाजा और थिरिया खेतल टोल प्लाजा पर कमांड सेंटर बनेंगे। दोनों स्थानों पर एटीएमएस के सॉफ्टवेयर कार्य करेंगे। कमांड सेंटर बनाने से पहले ही वहां बिजली की व्यवस्था की जा रही है।









मुरादाबाद-बरेली हाईवे पर ट्रैफिक संचालन सुदृढ़ करने के लिए लगाए जा रहे चाइनीज कैमरे पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा कारणों के मद्देनजर चाइनीज कैमरे नहीं लगाए जाएंगे। बताया गया कि इन कैमरों से इस मार्ग पर सेना और अन्य बलों की लोकेशन बाहर जा सकती थी। अब इनकी जगह देशी कंपनियों के ही उन्नत कैमरे लगाए जाएंगे।
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