मुरादाबाद। मंडल के दो सौ परिषदीय स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। बारिश के मौसम में इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सुरक्षा को खतरा है। ऐसे में कमिश्नर ने सभी जिलाधिकारियों को 15 दिन में स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन को हटाने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने मुरादाबाद मंडल के सभी जनपदों के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। जानकारी करने पर पता चला कि दो सौ परिषदीय स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। करीब 20 हजार विद्यार्थी इन विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। इसमें सौ से अधिक स्कूल बिजनौर जनपद में हैं। वहीं, मुरादाबाद जनपद के नौ स्कूल शामिल है। इन हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए शासन स्तर से धनराशि भी प्राप्त हो चुकी है। कमिश्नर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। 15 दिन में हाईटेंशन लाइन को हटवाकर अधिकारी रिपोर्ट भेजें। इसके अलावा जिलाधिकारी मुरादाबाद को गांगन नदी के पुनरुद्धार के लिए त्वरित कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
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प्रदेश की रैंकिंग में गिरा मुरादाबाद
समीक्षा बैठक में प्रदेश की ओर से जारी की गई जनपदों की रैंकिंग पर चर्चा की गई। इसमें मुरादाबाद को 73वां स्थान मिला है, जबकि पिछली बार मुरादाबाद को 49वां स्थान मिला था। इसी तरह रामपुर 61वें स्थान पर है। कमिश्नर ने कहा कि प्रदर्शन में गिरावट चिंताजनक है। उन्होंने डीएम मुरादाबाद और डीएम रामपुर का स्पष्टीकरण तलब किया है।
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उप निदेशक दिव्यांगजन को पुस्तकालय की नहीं जानकारी
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में जब उपनिदेशक दिव्यांगजन से सुगम्य पुस्तकालय के बारे में जानकारी ली गई तो वह उसके बारे में कुछ भी नहीं बता सके। इसके अलावा सुगम्य पुस्तकालय को देखने भी नहीं गए हैं। जब उनसे दिव्यांगजनों के डेटा के बारे में पूछा तो वह भी नहीं बता पाए। इस पर कमिश्नर ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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संभल में स्वास्थ्य सेवाओं में उदासीनता
समीक्षा बैठक में संभल जनपद के स्वास्थ्य विभाग की स्थिति खराब मिली। आठ में से सात ब्लॉक में दस मानकों पर कार्य नहीं हुआ है। यहां पर टीबी रोगियों का चिह्नीकरण नहीं हो रहा है। संस्थागत प्रसव की संख्या घट रही है। पिछले वर्ष के पहले छह महीने की अपेक्षा इस बार आठ सौ प्रसव की कमी आई है। टेलीमेडिसिन, टीकाकरण का काम संतोषजनक नहीं मिला। इस पर सीएमओ को नोटिस दिया गया।
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इन अधिकारियों पर व्यक्त की नाराजगी
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक फसल बीमा एवं कृषि निर्यात से जुड़ी सूचनाएं प्रस्तुत करने में असफल रहे, जिस पर कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त की। जीवन मिशन की प्रगति में रुकावट, कार्यों के बंद होने एवं स्पष्ट विवरण न देने पर मुख्य अभियंता पर नाराजगी जताई। प्रकरण की जानकारी शासन को देने के निर्देश दिए।
प्रमुख निर्देश:
- मुरादाबाद के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की तकनीकी गुणवत्ता एवं संचालन की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया गया। सुधारात्मक कार्रवाई हेतु नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए।
- गो-आश्रय स्थलों की दुर्दशा को गंभीरता से लेते हुए सभी जनपदों को पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विभाग के साथ समन्वय कर अवस्थापन सुधार के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
- आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित जनशिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करने एवं ब्लैक स्पॉट्स का चिह्नांकन कर उनके स्थायी निराकरण के निर्देश संबंधित जिला प्रशासन को दिए गए।
- क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी, बिजनौर से कार्यप्रणाली पर स्पष्टीकरण मांगा गया।