मुरादाबाद। गांगन नदी में डूबने से जान गंवाने वाली किरन अपने तीन भाइयों की इकलौती बहन थी। शुक्रवार को तीनों भाइयों को उसने राखी बांधी थी। इसके बाद उसने अपने घर जाने की तैयारी शुरू कर दी थी। तीनों भाई उसे रोकते रहे लेकिन कुछ जरूरी घरेलू काम होने की कहकर वह नहीं रुकी। रक्षाबंधन के दिन बहन को खोने वाले तीनों भाइयों का अब रो-रोकर बुरा हाल है।
पाकबड़ा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर ध्यान सिंह निवासी अनिल की शादी आठ साल पहले कुंदरकी के नानपुर गांव निवासी किरन के साथ हुई थी। किरन के तीन भाई कमल, नन्हें और पप्पू हैं। अनिल अपने घर में ही परचून की दुकान चलाता है। दिन में किरन ही दुकान की देखभाल करती थी। जबकि शाम को काम से लौटने के बाद अनिल दुकान पर बैठता था। शुक्रवार की सुबह किरन अपने तीनों भाइयों को राखी बांधने गई थी। हादसे की जानकारी मिलने पर तीनों भाई भी पुल के पास पहुंच गए और वह फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी बहन और बहनोई को बहुत रोका था कि सुबह चले जाएं लेकिन वह नहीं रुके और रवाना हो गए थे। गांव से निकलते समय भी अनिल से कहा कि वह आराम-आराम से बाइक चलाएं।
टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में बच्चे को तलाश करते रहे लोग
मुरादाबाद। हादसे के बाद ही लोग परिवार को बचाने के लिए नदी में कूद गए थे। उन्होंने अनिल, काव्या और प्रियांशु को तो बचा लिया था लेकिन किरन और छोटे बेटे केशव की तलाश करते रहे। दो घंटे बाद महिला का शव तो मिल गया लेकिन बच्चे की तलाश करते रहे। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में उसकी तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि शनिवार की सुबह दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
नदी किनारे बैठा अनिल बच्चों संग रोता रहा
मुरादाबाद। लोग किरन और केशव की तलाश कर रहे थे। अनिल अपनी बेटी काव्या और बेटे प्रियांशु के साथ नदी किनारे बैठकर रोता रहा।