फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश, ओलावृष्टि से फसलों में भारी नुकसान, गेहूं बुआई पिछड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। जिले में हुई भारी बारिश व ओलावृष्टि से मटर, टमाटर, सरसों, आलू की फसल को भारी नुकसान है। गेहूं की बुआई पिछड़ गई है। मौसम को देखकर किसान परेशान है। मौसम अभी खराब है और बारिश की संभावना बनी है। आलू की फसल में रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे हालत में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, किसान चिंतित है।
विज्ञापन

गुरुवार की शाम से हुई शुरू हुई बारिश शुक्रवार को अपने पूरे शबाब पर पहुंच गई। बिलारी, कुंदरकी व देहात के अन्य क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। खेतों में बारिश का पानी जमा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. मोहन सिंह ने बताया कि सरसों के पौधे में फूल बन रहा है। बारिश और ओलावृष्टि से परागण की क्रिया प्रभावित होगी और डंठल टूट गई है। ऐसे में फूल के साथ कम फल आएगा। उत्पादन प्रभावित होगा। इस बारिश से सरसों में करीब 20 से 25 प्रतिशत तक का नुकसान होने की आशंका है। ओलावृष्टि का प्रभाव टमाटर व मटर की फसल पर भी पड़ा है। ओलावृष्टि से पौधे की डंठल व छोटे फल टूटने से किसानों को नुकसान हुआ है।
आलू में रोगों के फैलने का खतरा
कृषि वैज्ञानिक डॉ. मोहन सिंह ने बताया कि बारिश से सितंबर व अक्टूबर में की गई आलू की बुआई में 30 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका है। आलू के पौधे के नीचे जमीन में छोटे आलू बन रहे हैं अथवा बन चुके हैं। जबरदस्त बारिश व ओलावृष्टि से खेतों में जमा पानी आलू की फसल को जमीन के अंदर ही गला देगा। तापमान में गिरावट के साथ ही रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन

गेहूं की पछेती बुआई का नहीं मिल पाएगा समय
कृषि वैज्ञानिक डॉ. तनवीर हसन ने बताया कि गेहूं की पछेती बुआई का समय 20 से 25 दिसंबर तक माना जाता है। अधिकांश किसान गेहूं की पछेती बुआई में लगेंगे। जबरदस्त बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया। न्यूनतम तापमान भी 12 से 14 के बीच चल रहा है। ऐसे हालात में खेतों की जुताई के नमी सूखने में 20 दिन का समय लग जाएगा। उसके बाद गेहूं की बुआई का समय नहीं बचेगा। यदि किसान गेहूं की बुआई करते हैं, तो उत्पादन में लागत भी मिलना मुश्किल हो जाएगी।
ओलावृष्टि से फसल हुई बर्बाद, तो ट्रोल फ्री पर कॉल कर सर्वे कराए
मुरादाबाद। उप निदेशक कृषि सीएल यादव ने बताया कि ओलावृष्टि व बारिश से कुछ किसानों की फसल बर्बाद हुई है। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के रबी की फसल गेहूं, सरसों व आलू का बीमा कराया था, वह 72 घंटों में अपना सर्वे करा ले। किसान ट्रोल फ्री नंबर 18002005142, अथवा एजेंट के नंबर पर काल करके सर्वे अवश्य करा लें और बीमा क्लेम के लिए दावा कर दे। ट्रोल के साथ साथ एजेंट नीरज कुमार के मोबाइल नंबर 9568426874, शैलेंद्र कुमार 7983631656 पर संपर्क कर सकते है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें