कुंदरकी। मौसमी पार गिरने से ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है जिस कारण लोगों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं और उनसे जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ने लगा है। सूर्य नहीं निकलने से ठंड का प्रकोप बरकरार रहने से विद्युत विभाग ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कुंदरकी सब डिवीजन में आने वाले कुंदरकी, मैनाठेर, जलालपुर, जैतवाड़ा, भैसोड़ और ग्वारऊ बिजलीघरों में सभी तरह की मशीनों को नमी से बचाने के लिए हीटर लगा दिए गए हैं ताकि मॉइश्चर यानि नमी की वजह से बिजलीघरों को ओवरफ्लैश होने से बचाया जा सके। कुंदरकी एसडीओ दया शंकर ने बताया कि कड़ाके की कड़ाके की ठंड को देखते हुए सब डिवीजन में आने वाले कुंदरकी समेत छह बिजलीघरों में सभी तरह की मशीनों को नमी से सुरक्षित रखने की गरज से हीटर लगवा दिए गए हैं ताकि विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं हो पाए।
हाईटेंशन लाइन से सटी पेड़ों की टहनी भी छंटवाई
कुंदरकी। 132 केवी बिजलीघर भैसोड़ से कुंदरकी बिजलीघर को आने वाले हाईटेंशन लाइन जंगल पर पेड़ों के बीच होकर आ रही है। इन पेड़ों की टहनियां कोहरे व पाला गिरने से भीग कर गीली हो जाती है जोकि हवा चलने पर हाईटेंशन लाइन से टकरा जाती है जिस कारण ब्रेक डाउन होने की आशंका बनीं रहती, इससे विद्युत आपूर्ति भी ठप हो जाती है। एसडीओ दया शंकर ने बताया कि सभी छह बिजलीघरों को आने वाली हाईटेंशन लाइनों से सटे पेड़ों की टहनियों को पहले ही छंटवा दिया ताकि ब्रेक डाउन नहीं पाए। जहां पर भी हाईटेंशन लाइन पर पेड़ों की टहनियां आ रही हैं, उनको भी छंटवाया जा रहा है।