मुरादाबाद। जिले में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के साथ ही भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। सरकारी रिकॉर्ड में भले ही हीट वेव का कोई मामला दर्ज न हो, लेकिन निजी अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी में गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के मुताबिक रोजाना 10 से 12 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें डिहाइड्रेशन और हीट एक्जॉस्ट के कारण ड्रिप चढ़ानी पड़ रही है।
सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो लंबे समय तक धूप में काम कर रहे हैं। मजदूर, ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी, रिक्शा चालक और बाजारों में काम करने वाले लोग चक्कर आना, सिरदर्द, कमजोरी और लगातार प्यास लगने जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके अलावा शुगर, बीपी और हार्ट की बीमारी से पीड़ित मरीजों पर भी गर्मी का असर अधिक देखा जा रहा है।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने बताया कि इन दिनों इमरजेंसी में रोजाना 10-12 मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिनके शरीर में पानी की कमी हो रही है। लगातार प्यास लगना, कमजोरी महसूस होना और पेशाब कम आना इसके मुख्य लक्षण हैं। अभी गंभीर हीट स्ट्रोक के मामले नहीं आए हैं, लेकिन हीट एक्जॉस्ट तेजी से बढ़ रहा है।
फिजिशियन डॉ. मोनिस जलील ने कहा कि तेज धूप और उमस के कारण लोगों में डिहाइड्रेशन बढ़ रहा है। कई मरीजों का ब्लड प्रेशर प्रभावित हो रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शलभ अग्रवाल का कहना है कि बच्चों में उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायतें बढ़ी हैं।
केस-1 : बाजार में काम करते वक्त बिगड़ी तबीयत
चौमुखा पुल क्षेत्र में कपड़े की दुकान पर काम करने वाले बिलाल को दोपहर में तेज चक्कर और सिरदर्द की शिकायत हुई। साथी कर्मियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डिहाइड्रेशन की पुष्टि होने पर ड्रिप चढ़ाई गई।
केस-2 : मजदूर को आई कमजोरी
कांठ रोड के नवीन नगर में निर्माण कार्य कर रहे 45 वर्षीय मजदूर को लगातार पसीना आने के साथ कमजोरी महसूस होने लगी। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने शरीर में पानी की भारी कमी बताई। उपचार के बाद हालत में सुधार हुआ।
केस-3 : बच्ची को उल्टी-दस्त की शिकायत
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केजी गुप्ता ने बताया कि लाइनपार क्षेत्र की आठ वर्षीय बच्ची वर्णिका को तेज गर्मी के बीच उल्टी-दस्त शुरू हो गए। परिवार वाले उसे बाल रोग विशेषज्ञ के पास लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने ओआरएस और पर्याप्त तरल पदार्थ देने की सलाह दी।