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Moradabad News: रामगंगा विहार में नौ घंटे गुल रही बिजली...पानी की टंकियां भी सूखीं

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मुरादाबाद। शहर के पॉश इलाके रामगंगा विहार फेज-1 और फेज-2 में मंगलवार को बिजली संकट से लोगों का धैर्य जवाब दे गया। भीषण गर्मी के बीच करीब नौ घंटे तक बिजली गुल रहने से हजारों लोग परेशान रहे। घरों में लगे इनवर्टर जवाब दे गए तो पानी की टंकियां सूख गईं। हालत यह रही कि लोगों को पीने के पानी के लिए भी इंतजाम करना पड़ा।
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दिनभर बिजलीघर और अधिकारियों को फोन मिलाए जाते रहे, लेकिन अधिकांश नंबर या तो व्यस्त मिले या किसी ने उठाना जरूरी नहीं समझा। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले सप्ताह आई आंधी और बारिश के बाद से इलाके में बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। सोमवार रात साढ़े आठ बजे बिजली गुल हुई तो रात एक बजे सप्लाई बहाल हो सकी। लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि मंगलवार सुबह 9:30 बजे फिर बिजली चली गई। इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे सप्लाई आई, लेकिन ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहा। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग फीडर पर बढ़ते लोड को संभाल नहीं पा रहा है। स्टाफ ने उपभोक्ताओं को बताया कि कई कनेक्शन दूसरे फीडर से जोड़कर लोड बांटने का काम किया जा रहा था। घंटों तक चली इस कवायद के बाद अचानक फाल्ट हो गया और फिर पूरे इलाके की बिजली गुल हो गई।
गर्मी से परेशान लोगों का गुस्सा तब और भड़क गया जब 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद भी कोई राहत नहीं मिली। लोगों का कहना है कि बिजली कटौती के दौरान अधिकारी फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझते। वहीं अधिशासी अभियंता विकासदीप ने फीडर में तकनीकी समस्या आने की बात कही है।
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लोगों के बयान
सुबह से शाम तक बिजली गायब रही। इनवर्टर बंद हो गए तो बच्चों और बुजुर्गों का घर में बैठना मुश्किल हो गया। सबसे ज्यादा परेशानी पानी को लेकर हुई। अधिकारियों को लगातार फोन किए लेकिन किसी ने जवाब देना जरूरी नहीं समझा। ऐसी व्यवस्था से लोग बेहद नाराज हैं।

- नरेश भारद्वाज

भीषण गर्मी में बिना बिजली के रहना मुश्किल हो गया। घर की टंकियां खाली हो गईं और पीने का पानी तक खरीदना पड़ा। शिकायत करने के बाद भी विभाग की ओर से कोई सही जानकारी नहीं दी गई। हर बार सिर्फ फाल्ट और लोड का बहाना सुनने को मिलता है।

- दीपक कपूर

रात से लेकर दिन तक बिजली संकट बना रहा। छोटे बच्चे गर्मी में बिलखते रहे। विभाग के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। जब उपभोक्ताओं से समय पर बिल लिया जाता है तो फिर सुविधा देने में इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है, इसका जवाब कोई नहीं देता।

- लोकेश कुमार


पूरे दिन बिजली नहीं रहने से घर का सारा काम प्रभावित हो गया। पानी की मोटर नहीं चल सकी। फ्रिज बंद होने से खाने-पीने का सामान खराब होने लगा। लोगों की परेशानी सुनने वाला कोई नहीं था। विभाग को पहले से वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
- अरविंद कुमार गुप्ता

फीडर पर लोड ज्यादा है तो उसका स्थायी समाधान होना चाहिए। हर दूसरे दिन कटौती और फाल्ट से लोग परेशान हो चुके हैं। गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से बुजुर्गों की हालत बिगड़ रही है। विभाग सिर्फ आश्वासन देता है लेकिन जमीनी सुधार दिखाई नहीं देता।
- सतीश कुमार राणा

1912 पर शिकायत दर्ज कराई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शाम तक लोग इंतजार करते रहे कि शायद सप्लाई आ जाए। बिजली आने के बाद भी लगातार ट्रिपिंग होती रही। इतनी बड़ी कॉलोनी में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है।
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- अनूप पुरी
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