मुरादाबाद। कांठ सीएचसी में आयोजित टीकाकरण में दिवस में लापरवाही बरतने पर कांठ पीएचसी के स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को निलंबित कर दिया गया है। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पर टीकाकरण के एक सत्र में कोविशील्ड और कोवैक्सीन वैक्सीन के इस्तेमाल करने का आरोप है। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को बिलारी सीएचसी से अटैच कर दिया गया है।
शासन के निर्देश और कोविड-19 प्रोटोकाल के मुताबिक टीकाकरण के एक सत्र में सिर्फ एक कंपनी की वैक्सीन का इस्तेमाल करना है। पहली डोज जिस कंपनी की वैक्सीन की लगी है, उसी कंपनी की दूसरी डोज लगनी होती है, लेकिन 12 फरवरी को कांठ सीएचसी पर आयोजित टीकाकरण दिवस के एक सत्र में कोविशील्ड और कोवैक्सीन का इस्तेमाल किया गया। जानकारी होने पर अधिकारियों ने एक वैक्सीन का इस्तेमाल रोक दिया। सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि एक सत्र में दो प्रकार की वैक्सीन का प्रयोग कर कोविड-19 टीकाकरण बरतने पर कांठ पीएचसी में तैनात स्वास्थ्य पर्यवेक्षक भगवान सिंह को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को सीएचसी बिलारी से संबद्ध कर दिया गया है।