मुरादाबाद। बिजली चोरी रोकने में विभागीय टीम नाकाम साबित हो रही है। हर महीने शहर में होने वाली साढ़े तीन करोड़ रुपये की बिजली चोरी को छोड़िए विभाग की 300 लोगों की टीम 30 लाख की चोरी भी नहीं रोक पा रही है। टीम में एसई, एक्सईएन, एसडीओ समेत शहर के 23 बिजलीघरों के कर्मचारी शामिल हैं। बावजूद इसके बिजली चोर विभाग को साढ़े तीन क रोड़ रुपये की चपत लगा रहे हैं।
शहर में बिजली चोरी रोकने को लेकर विभाग की ओर से चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इन अभियानों का असर धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। लॉकडाउन के दौरान अप्रैल, मई और जून माह में नियमित बिलिंग न होने के कारण सात करोड़ रुपये प्रतिमाह नुकसान दर्ज किया गया था। नियमित बिलिंग शुरू होने के बाद यह आंकड़ा अगस्त से दिसंबर तक प्रतिमाह साढ़े तीन करोड़ रुपये पर आकर रुक गया है।
विभाग की मुसीबत यह है कि रेड के दौरान बिजली चोरों के कनेक्शन काटने के बाद अगले दिन ये कनेक्शन दोबारा जुड़े मिलते हैं। शहर में सबसे अधिक लाइन लॉस विद्युत वितरण खंड तृतीय में है। इसमें कटघर, पीतलनगरी, नागफनी, गलशहीद, मुगलपुरा, असालतपुरा, सीतापुरी आदि क्षेत्र आते हैं। इसके अलावा विद्युत वितरण खंड द्वितीय के दौलतबाग, दीवान का बाजार और टाउनहाल क्षेत्रों में काफी लाइन लॉस है। इन क्षेत्रों की संकरी गलियों में चेकिंग के दौरान कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को हाथापाई भी झेलनी पड़ी है। विभागीय अधिकारी बिजली चोरी पकड़ने के बाद जांच रिपोर्ट भरकर थाने में एफआईआर दर्ज कराते हैं। इस सब के बावजूद स्थिति बिजली चोरों के हौसले बुलंद हैं और स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
आज एमडी करेंगे समीक्षा बैठक
पीवीवीएनएल के एमडी अरविंद मलप्पा बंगारी बुधवार शाम चार बजे से मुख्य अभियंता कार्यालय में विभागीय अधिकारी के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में लाइन लॉस कम करने, बकाये की स्थिति और कभी भुगतान न करने वाले विद्युत उपभोक्ताओं पर कार्रवाई स्थिति का विवरण लिया जाएगा। बैठक में मुख्य अभियंता संजय आनंद जैन, अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार, सभी एक्सईएन, एसडीओ और जेई मौजूद रहेंगे।
- लाइन लॉस में पिछले महीनों की अपेक्षा कुछ सुधार हुआ है। हालांकि यह सुधार हमारी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। हमारा लक्ष्य है कि मुरादाबाद जोन में बिजली चोरी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए। यह तभी संभव है जब लोगों का सहयोग मिले। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लाइन लॉस कम करने के लिए प्रयासरत हैं, लोग जागरूक होंगे तभी सफलता मिलेगी।
- संजय आनंद जैन, मुख्य अभियंता