स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की भी हद है। विभाग ने निगेटिव एक किशोर को पॉजिटिव बनाकर उसे होम आइसोलेट कर दिया। दो दिन होम आइसोलेट रहने के बाद परिवारजनों के हाथ जब नोएडा लैब की रिपोर्ट लगी तो उनके होश उड़ गए। रिपोर्ट में किशोर निगेटिव था, जबकि सीएमओ कार्यालय के डेटा इंट्री कार्यालय की रिपोर्ट में किशोर पॉजिटिव दर्शाने के बाद होम आइसोलेट किया गया था। लापरवाही सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
28 अगस्त को लाइनपार मझोला और मिलन विहार निवासी अलग-अलग दो किशोरों के आरटीपीसीआर सैंपल लिए गए। दोनों किशोरों की उम्र 12 साल की है। 30 अगस्त को नोएडा लैब से सैंपल की रिपोर्ट जारी हुई। रिपोर्ट में मिलन विहार निवासी किशोर की क्रमांक नंबर 458 में पॉजिटिव और लाइनपार मझोला के किशोर की क्रमांक नंबर 248 में निगेटिव निकला। सीएमओ कार्यालय स्थित कोविड 19 डेटा इंट्री कार्यालय ने मिलन विहार के किशोर के साथ लाइनपार मझोला के किशोर की भी पॉजिटिव में इंट्री कर दी गई।
डेटा इंट्री कार्यालय से जारी पॉजिटिव मरीजों की लिस्ट के आधार पर मझोला जोन की चिकित्सा टीम ने दोनों ही किशोरों को एक सितंबर को होम आइसोलेट कर दिया। मझोला का किशोर कक्षा सात का छात्र है और पिता कपड़े की दुकान में काम करते हैं। जबकि किशोर की मां कोरोना पॉजिटिव और होम आइसोलेट है। परिजनों के हाथ तीन सितंबर को नोएडा लैब से जारी रिपोर्ट मिली तो स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की पोल खुली।
इस रिपोर्ट में मझोला का किशोर निगेटिव था। विभाग की इस लापरवाही की जानकारी जब सीएमओ कार्यालय को दी गई तो उनके होश उड़ गए। डेटा इंट्री विभाग में रिपोर्ट क्रास चेक की गई तो पता चला दोनों किशोरों के एक जैसे नाम और उम्र होने से गलती हुई है। डेटा इंट्री विभाग ने नाम और उम्र तो देखी लेकिन पिता का नाम और पता नहीं चेक गया। जल्दबाजी में पॉजिटिव मरीजों की लिस्ट जारी कर दी। इस लापरवाही के बाद किशोर को होम आइसोलेशन से मुक्त कर दिया है।
डेटा इंट्री विभाग की लापरवाही से गलती हुई है। किशोर को होम आइसोलेशन से मुक्त कर दिया है। किशोर की मां पॉजिटिव और होम आइसोलेट है। शुक्रवार को एहतियातन किशोर का रैपिड एंटीजन और फिर आरटीपीसीआर सैंपल कराया जाएगा। - डा. एमसी गर्ग, सीएमओ