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Moradabad News: अक्का डिलारी की प्रधानाध्यापक निलंबित, डिलरा रायपुर के अध्यापकों का वेतन रोकने के आदेश

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मुरादाबाद। डीएम ने मानवेंद्र सिंह ने मूंढापांडे विकास खंड क्षेत्र के कई विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षण व्यवस्था ठीक न मिलने के साथ अनुपस्थित रहने पर एक प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया। जबकि कई अन्य विद्यालयों में बच्चों का पठन पाठन स्तर ठीक न मिलने पर संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन रोकने के आदेश दिए। आंगनबाड़ी केंद्र के बंद मिलने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का वेतन रोकने के आदेश दिए। एक विद्यालय में बच्चों की संख्या पहले से घटने पर बीएसए का भी स्पष्टीकरण तलब किया। डीएम सबसे पहले मूंढापांडे विकास खंड क्षेत्र के डिलरा रायपुर स्थित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। वहां अध्यापक तो मौजूद मिले। कक्षा-4 के बच्चों से गणित के सवाल पूछे तो बच्चे संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। पढ़ाई का स्तर और शौचालयों की स्थिति भी खराब मिलीं। जिसे डीएम ने गंभीरता से लेते हुए जब तक पढ़ाई का स्तर ठीक न हो जाए तब तक बीएसए को सभी शिक्षकों का वेेतन रोकने के निर्देश दिए।
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विद्यालय परिसर में बनेे दो आंगनवाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में एक बंद पाया गया। बंद आंगनवाडी केंद्र की कार्यकर्ता कविता देवी से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के साथ मानदेय भुगतान पर रोक लगाने के आदेश दिए।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण में 8 शिक्षकों में से शिक्षक छाया दुबे और सरिता रानी बगैर सूचना अनुपस्थित मिलीं। दोनों का वेतन रोकने के आदेश दिए। डीएम ने रसोईघर में जाकर वहां खाने की गुणवत्ता परखी। मेन्युु के अनुुसार सोयाबीन व चावल था, लेकिन मौके पर सिर्फ आलू की सब्जी बनी पाई गई। उसकी भी गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। प्राथमिक विद्यालय अक्का डिलारी के निरीक्षण में पाया कि यहां 88 बच्चे पर 6 शिक्षक कार्यरत है। मौके पर प्रधानाचार्य इशरत बानों अनुपस्थित मिलीं। विद्यालय में पढ़ाई का कोई माहौल नहीं पाया गया। मिड-डे-मील अधोमानक पाया गया। डीएम ने प्रधानाध्यापिका को निलंबित किए जाने के आदेश दिए। यहां डीएम ने कक्षा तीन के बच्चों से किताब बढ़वाकर देखी। लेकिन कोई बच्चा किताब नहीं पढ़ सका। इस पर सभी शिक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश बीएसए को दिए। यहां भी खाने की गुणवत्ता मानक अनुुसार नहीं पाई गई। यहां 2022-23 में 121 बच्चे पंजीकृत थे। अब 88 बच्चे रह गए हैं। इस पर बीएसए का भी स्पष्टीकरण तलब किया। यहां शौचालयों की व्यवस्था बेहद खराब पाई गई तथा दिव्यांग शौचालय में राॅड नहीं लगी पाई गई। डीएम ने इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय चमरौआ का निरीक्षण किया। वहां भी पढ़ाई का स्तर ठीक नहीं मिला।
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