यतीमखाना प्रकरण में फरार चल रहे हेड कांस्टेबिल धर्मेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। वह कई मामलों में फरार चल रहा था। शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय के पास से पुलिस ने दबोच लिया। सपा सरकार में शहर कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला घोसियान में यतीमखाना प्रकरण हुआ था। यतीमखाने की जमीन से लोगों के कब्जे हटवाए गए थे।
बाद में इस जमीन पर सपा सांसद आजम खां ने रामपुर पब्लिक स्कूल का निर्माण कराया था, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद करीब डेढ़ साल पहले 12 रिपोर्ट दर्ज की गई थीं। इसमें सांसद आजम खां और उनके करीबी रहे रिटायर्ड सीओ आले हसन खां को भी नामजद किया गया था।
आजम खां के और भी कई करीबी इस प्रकरण में नामजद हैं। तत्कलीन सीओ आले हसन खां की टीम में रहे एसओजी के तत्कालीन कांस्टेबिल धर्मेन्द्र कुमार को भी नामजद किया गया था। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। धर्मेन्द्र कुमार ने अदालत में सरेंडर करने के लिए अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थनापत्र दिया था, लेकिन पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
शुक्रवार को हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार को कलक्ट्रेट परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर शहर कोतवाली में कई मुकदमें दर्ज हैं। फिलहाल उसकी तैनाती शाहजहांपुर जनपद में है। एसपी शगुन गौतम ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी की तैनाती शाहजहांपुर में है और वह निलंबित चल रहा है।