क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने बड़ा खुलासा किया है। आरोप लगाया है कि मोहम्मद शमी से रिश्तों में दरार के लिए विधायक उमेश शर्मा जिम्मेदार थे। क्रिकेटर की पत्नी ने कहा कि 2018 में शमी परिवार में लौटना चाहते थे, उमेश के हस्तक्षेप के बाद सुलह नहीं हुई।
तीन दिन पहले क्रिकेटर पति मोहम्मद शमी और उनके बड़े भाई हसीब के खिलाफ चुनाव लड़ने का एलान करने वाली हसीन जहां ने अब खानपुर विधायक उमेश शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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हसीन का आरोप है कि वर्ष 2018 में शमी अपनी गलतियों को स्वीकार कर परिवार में लौटने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उमेश शर्मा के हस्तक्षेप के कारण दोनों के बीच सुलह की संभावना खत्म हो गई।
दोनों के बीच दूरी और बढ़ गई, जिसका असर परिवार और उनकी बेटी पर भी पड़ा। शनिवार को फोन पर बातचीत में हसीन जहां ने आरोप लगाया कि पति मोहम्मद शमी से जुड़े कानूनी विवाद के दौरान उन्हें बचाने के नाम पर उमेश शर्मा ने आर्थिक लाभ लिया था।
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उन्होंने यह भी दावा किया है कि वर्ष 2018 में हुए विवाद में शमी ने उमेश शर्मा की मदद ली थी। हसीन ने उमेश शर्मा पर आपराधिक मामलों में आरोपी होने, पुलिस-प्रशासन को प्रभावित करने और गैरकानूनी काम कराने जैसे आरोप भी लगाए।
झूलपुर गांव स्थित विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस पर हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर भी हसीन जहां ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि फार्म हाउस उमेश शर्मा का है तो वहां हुई घटना की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने जिला पुलिस-प्रशासन और प्रदेश सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
'शमी हों या हसीब, सामने चुनाव लड़ूंगी'
क्रिकेटर मोहम्मद शमी और रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुलाकात के बाद अमरोहा की सियासत में शुरू हुई चर्चाओं के बीच अब उनकी पत्नी हसीन जहां ने भी चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी के संकेत दिए हैं।
हसीन जहां का कहना है कि शमी चुनाव लड़ें या उनके भाई हसीब, वह उनके सामने चुनाव लड़ेंगी। किसी राजनीतिक दल से टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने की बात भी उन्होंने कही है।
बीते रविवार को शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद 2027 के विधानसभा चुनाव में शमी अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य के चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं।
शमी के साथ उनके भाई हसीब के नाम की भी चर्चा है, हालांकि अभी किसी की उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसी बीच हसीन जहां के अमरोहा में बढ़े प्रवास को भी राजनीतिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बृहस्पतिवार को फोन पर बातचीत के दौरान हसीन जहां ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हुए स्पष्ट किया है कि शमी या हसीब के चुनाव मैदान में उतरने की स्थिति में वह उनके सामने मुकाबला करेंगी। हालांकि उनके किसी राजनीतिक दल में शामिल होने या किसी सीट से चुनाव लड़ने को लेकर अभी औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
मालूम रहे कि अमरोहा सदर सीट पर सपा के महबूब अली 2002 से लगातार विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं। वर्ष 2022 में उन्हें 128735 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के राम सिंह को 57699 वोट मिले थे। ऐसे में शमी परिवार के संभावित सियासी पदार्पण के साथ अब हसीन जहां के बयान ने भी अमरोहा की चुनावी चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है।
आठ साल से अलग रह रहे हसीन जहां और शमी
करीब आठ वर्ष से क्रिकेटर मोहम्मद शमी और हसीन जहां अलग-अलग रह रहे हैं। मार्च 2018 में हसीन जहां ने शमी पर विवाहेतर संबंध समेत कई आरोप लगाए थे। उन्होंने शमी और उनके परिवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद सार्वजनिक हो गया और सोशल मीडिया पर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
इसी दौरान शमी पर मैच फिक्सिंग से जुड़े आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि, इस मामले में हुई जांच के बाद शमी पर लगे मैच फिक्सिंग के आरोप निराधार पाए गए। विवाद के बाद से शमी और हसीन जहां अलग-अलग रह रहे हैं। दोनों के बीच चल रहे वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
विवादों के बाद से हसीन जहां का अमरोहा से भी जुड़ाव रहा है और वह समय-समय पर यहां आती-जाती रही हैं। अब उनके चुनाव लड़ने की इच्छा जताने के बाद शमी से जुड़े पुराने विवाद भी फिर चर्चा में आ गए हैं।