फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हजयात्रियों के पास पहुंचा 'वसूली' का मैसेज, जानिए कारण

Thu, 01 Nov 2018 03:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
हजयात्रा 2018 का सफर करके लौट हजयात्रियों को अभी और जेब ढीली करनी पड़ेगी। हज कमेटी ने हजयात्रियों को 'वसूली' का मैसेज भेजा है। हजयात्रियों से 4600 से लेकर 9500 रुपये तक वसूल किए जाएंगे। इस संबंध में हज कमेटी ने 18 दिन पहले की हवाई किराया और एयरलाइंस भुगतान के अंतर का सर्कुलर जारी किया था।
विज्ञापन


वर्ष 2018 की हजयात्रा पूरी हो चुकी है। हज कमेटी की ओर तय किए गए रकम को आजमीनों ने अदा कर खाना-ए-काबा की जियारत की और हज के अरकान पूरे कर घर वापसी भी कर लिया। लेकिन अभी तक हज कमेटी का 'हिसाब किताब' पूरा नहीं हो पाया है।

बारह अक्तूबर की रात हज कमेटी ने किराए के अंतर का एक सर्कुलर जारी किया था। जारी सर्कुलर के मुताबिक हजयात्रा वर्ष 2018 में हज कमेटी ने एक अमरीकी डालर 65 रुपये दर से हवाई जहाज का किराया लिया गया। जबकि वास्तविक भुगतान इससे कहीं अधिक है। 
विज्ञापन


हज कमेटी ने किस उड़ान स्थल से किराए में कितने का अंतर आया है, इसकी सूची जारी की थी। ये अंतर 4670 रुपये से लेकर 9540 रुपये तक है। अब इस किराए और भुगतान के अंतर की वसूली हजयात्रियों की जेब से की जाएगी। 

मुरादाबाद के हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि हजयात्रियों के पास हज कमेटी की ओर से मैसेज आए हैं। इसमें किराए और भुगतान की अंतर की धनराशि वसूल करने की बात कही गई है। हज कमेटी ये वसूली हजयात्रियों को मिलने वाली बकाया धनराशि से करेगी। 
विज्ञापन

किस एयरपोर्ट से कितना आया अंतर 

दिल्ली - 5825 रुपये 

लखनऊ - 6495 रुपये 

वाराणसी - 7360 रुपये 

मुंबई - 4670 रुपये 

गुवाहाटी - 9540 रुपये 

नोट: ऐसे देश के पंद्रह और एयरपोर्ट से किराए और भुगतान में अंतर आया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें