फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: गुरु जंभेश्वर विवि ने दाखिले से वंचित छात्रों को दिया एक और मौका

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। गुरु जंभेश्वर विवि ने दाखिले से वंचित छात्रों को एक बार फिर प्रवेश लॉक करने का अवसर दिया है। विश्वविद्यालय से संबद्ध मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बिजनौर और अमरोहा जनपदों के राजकीय, सहायता प्राप्त, अनुदानित और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में बीएड और परास्नातक के सभी पाठ्यक्रमों में प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए समर्थ पोर्टल दो दिन के लिए फिर से खोला जा रहा है।
विज्ञापन

कुलसचिव गिरीश कुमार द्विवेदी का कहना है कि कई महाविद्यालयों ने जानकारी दी है कि उनके यहां पूर्व से अध्ययनरत कई छात्र-छात्राओं की तकनीकी त्रुटियों के कारण समर्थ पोर्टल पर सीट लॉक नहीं हो सकी है। विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए महाविद्यालयों ने पोर्टल पुन: खोलने की मांग की थी। इसी के बाद ऑनलाइन पंजीकरण एवं महाविद्यालय के चयन की प्रक्रिया 23 अक्तूबर से शुरू होगी।
ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 24 अक्तूबर शाम चार बजे तक निर्धारित की गई है। पंजीकरण के बाद रजिस्ट्रेशन फॉर्म के साथ आवेदन फॉर्म महाविद्यालय में 24 अक्तूबर शाम छह बजे तक जमा करना होगा। महाविद्यालयों द्वारा समर्थ पोर्टल पर समस्त प्रवेश लॉक करने की अंतिम तिथि भी 23 से 24 अक्तूबर शाम छह बजे तक रखी गई है।
विज्ञापन

ऑनलाइन आवेदन शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है। छात्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.gjum.ac.in और समर्थ पोर्टल gjum.samarth.edu.in पर जाकर नियमों की जानकारी लेकर आवेदन कर सकते हैं।

गलतियों के संशोधन का भी दिया मौका
विश्वविद्यालय ने पंजीकरण के बाद त्रुटि सुधार का भी मौका दिया है। यदि फॉर्म भरने में कोई त्रुटि रह गई है तो छात्र 24 अक्तूबर शाम चार बजे तक अपने समर्थ लॉगिन से संशोधन कर सकते हैं। इसके बाद किसी भी प्रकार के संशोधन की अनुमति नहीं दी जाएगी। विश्वविद्यालय ने महाविद्यालयों को भी निर्देश दिया है कि वे सीट लॉक करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि फॉर्म में कोई त्रुटि न हो। पोर्टल पर सीट लॉक होने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा कोई संशोधन नहीं किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित महाविद्यालय की होगी।

90 दिन पढ़ाई अनिवार्य, अतिरिक्त कक्षाएं चलाने के निर्देश
कुलसचिव के अनुसार, यूजीसी और उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद लखनऊ के दिशा-निर्देशों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के मानकों के अनुसार सत्र 2026-27 में प्रत्येक सेमेस्टर में न्यूनतम 90 शिक्षण दिवस का संचालन प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाए। यदि पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त कक्षाओं की आवश्यकता हो तो अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर पाठ्यक्रम पूरा कराया जाए, ताकि सत्र 2026-27 में प्रवेशित छात्रों की परीक्षाएं ससमय संपन्न कराई जा सकें।

वर्जन...
कुछ कॉलेजों से जानकारी मिली थी कि उनके यहां स्नातक छठे सेमेस्टर में अध्ययनरत विद्यार्थियों की बैक परीक्षा का परिणाम अभी आया है। ऐसे में छात्रहित में उनका दाखिला सुनिश्चित करने के लिए यह अंतिम अवसर दिया गया है। इसके बाद प्रवेश का कोई मौका नहीं दिया जाएगा। यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद परीक्षा फॉर्म भी जारी किए जाएंगे। -गिरीश कुमार द्विवेदी, कुलसचिव, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें