मोबाइल ट्रेस होने से जीआरपी को मिली सफलता
बरामद हुए छह मोबाइलों में से दो फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस से लूटे गए थे। जबकि अन्य चार मोबाइल भी चोरी के हैं। लूट के मोबाइलों के ट्रेस होने से जीआरपी को मदद मिली। इसके अलावा मुखबिर की सूचना भी सही निकली। एसपी जीआरपी अपर्णा गुप्ता ने बताया कि आरोपी गौरव मलखान ठाकुर के विरुद्ध दो मुकदमे मझोला थाने में और दीपक के खिलाफ एक मुकदमा कटघर थाने में दर्ज हैं। मुख्य आरोपी अमित के खिलाफ विभिन्न थानों में 19 और अभिषेक के खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज हैं।
छिपकर ट्रेन आने का किया था इंतजार
नौ अप्रैल की रात चारों आरोपी एक दीवार के पीछे पीपल के पेड़ के चबूतरे पर छिपकर बैठे थे। तलवार और तमंचों से लैस चारों आरोपी ट्रेन लूटने की योजना से ही छिपे थे। वहां उन्होंने शराब भी पी थी। यात्रियों से बातचीत में भी लुटेरों के नशे में होने की पुष्टि हुई थी। शनिवार देर रात जब 01.40 बजे (14205) फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस गोविंदनगर आउटर पर रुकी तो लुटेरे ट्रेन की स्लीपर बोगी में चढ़ गए। उन्होंने यात्रियों से मारपीट की। कुछ लोगों ने विरोध किया तो उन्हें तलवार मारकर घायल कर दिया। एक महिला से कुंडल, गले की चेन छीनी। अन्य यात्रियों से पर्स, मोबाइल, नकदी आदि छीनकर ट्रेन से कूद गए। इसके बाद लालकुआं अमृतसर एक्सप्रेस में भी इसी तरह घटना को अंजाम दिया था।
जीआरपी एसपी ने कहा ये
एसपी जीआरपी अपर्णा गुप्ता का कहना है कि दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी अमित और अभिषेक की तलाश में टीमें जुटी हैं। मोबाइल लोकेशन मिलने के बाद स्थानीय इलाकों में भी दबिश दी गई है। जल्द ही दोनों आरोपी जीआरपी की गिरफ्त में होंगे। आरपीएफ और एसओजी टीम का पूरा सहयोग मिल रहा है।