बीबीए के छात्र यश मित्तल के मुंह में मिट्टी भरी हुई थी। लग रहा है कि मिट्टी सांस लेते समय मुंह में गई होगी। पुलिस का मानना है कि शव को गड्ढा खोद कर दबाते समय उसका सांसें चल रही थी। जिससे मिट्टी सांस के साथ मुंह में चली गई।
टीचर कॉलोनी निवासी यश मित्तल का शव खेतों के बीच खदान किए गए खेत में गड्ढे से बरामद किया गया। शव को छिपाने के लिए हत्यारोपियों ने सीधा और गहरा गड्ढा नहीं खोदा था। यह इस तरह का गड्ढा था, जैसे कोई जंगली जानवर खोदता है।
स्थानीय पुलिस ने बताया कि गड्ढे से शव बरामद किया गया तो उसके मुंह में मिट्टी भरी हुई थी। इस तरह मिट्टी सांस लेने पर ही मुंह के अंदर जाती है। इससे लग रहा है कि यहां पर शव को दबाते समय उसका सांसें चल रहा था। जिससे मिट्टी मुंह में भर गई होगी।
गला दबाकर की गई थी बीबीए के छात्र यश मित्तल की हत्या
कारोबारी के बेटे बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र यश मित्तल की हत्या उसके दोस्तों ने गला दबाकर की थी, इतना ही नहीं उसकी बेरहमी के साथ पिटाई भी की गई थी। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। तीन डॉक्टरों के पैनल ने बृहस्पतिवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम किया।
वीडियोग्राफी भी कराई गई। जिसके बाद परिजनों ने ब्रजघाट में गंगाघाट पर छात्र के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। मृतक यश मित्तल के पिता प्रदीप मित्तल गजरौला में बिजली उपकरणों के बड़े कारोबारी हैं। यश मित्तल नोएडा की बैनेट यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहकर पढ़ता था।
26 फरवरी की शाम 6.30 बजे वह हॉस्टल से बाहर गया था। इसके एक घंटे के बाद उसका फोन बंद हो गया था। 27 फरवरी को उसके पिता के मोबाइल पर एक मैसेज आया था जिसमें छह करोड़ रुपये मांगे गए थे। प्रदीप मित्तल ने इस संबंध में दादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने यश के मोबाइल की लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
एक के बाद एक कड़ी जोड़ती हुई दादरी पुलिस बुधवार की शाम गजरौला पहुंच गई। पुलिस ने यहां के तिगरिया भूड़ में रहने वाले रचित नागर को भी गिरफ्तार कर लिया। रचित की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को ग्रामीणों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। रचित की निशानदेही पर पुलिस ने गजरौला की तेवा फैक्टरी के सामने खेत में गड्ढे से यश का शव बरामद कर लिया था।
यश का शव घर पहुंचते ही मोहल्ले में उमड़ी भीड़
इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी के बेटे छात्र यश मित्तल का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। इकलौते बेटे की हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उधर, शव को देख हर आंख आंसू से नम थी। मृतक की मां वर्षा मित्तल को आस पास की महिलाएं संभाल रही थीं। घर के बाहर आधा घंटा शव रखने के बाद ब्रजघाट ले जाया गया। जहां पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
टीचर कॉलोनी निवासी प्रदीप मित्तल के बेटे बीबीए के छात्र यश मित्तल का बीते सोमवार की शाम अपहरण कर लिया गया। छह करोड़ की फिरौती न मिलने पर गला दबा कर उसकी हत्या कर दी गई। उसका शव बुधवार की शाम तिगरिया भूड़ के खेतों से बरामद किया गया। रात में ही पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया गया था।
बृहस्पतिवार की सुबह साढ़े नौ बजे सरकारी एंबुलेंस से उसका शव पोस्टमार्टम के बाद टीचर कॉलोनी में घर पहुंचा। इस दौरान मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। महिला हो या पुरुष सभी की आंखें गम में नम थीं। उसके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। यश मित्तल की मां वर्षा मित्तल बुरी तरह विलाप कर रही थीं। यश की शव यात्रा में नगर के व्यापारी, सामाजिक संगठन समेत अन्य लोग मौजूद रहे। उधर, इस दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा रही।
गजरौला के लोग बोले यश मित्तल के हत्यारोपियों को दी जाए फांसी की सजा
नगर के आम और खास सभी नागरिकों ने यश मित्तल के हत्यारोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग उठाई। कहा कि प्रदीप मित्तल के घर का चिराग बुझाने वालों पर कार्रवाई नजीर बननी चाहिए। बृहस्पतिवार की शाम साढ़े छह बजे नागरिक शक्ति चौक पर एकत्र हुए। यहां पर सबसे पहले यश मित्तल की आत्मा शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इसके बाद उसके हत्यारोपियों को फांसी की सजा की मांग उठाई। इस दौरान पूर्व चेयरमैन राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि यह घटना गजरौला ही नहीं बल्कि जिले को झकझोर गई है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर हत्यारोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाई जाए।
पिता प्रदीप मित्तल ने बेटे को मुखाग्नि दी तो छलक गए आंसू
बृहस्पतिवार की सुबह ब्रजघाट में श्मशान घाट पर इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी प्रदीप मित्तल के बेटे यश मित्तल का अंतिम संस्कार किया गया। प्रदीप मित्तल ने ही इकलौते बेटे को मुखाग्नि दी। उन्होंने आग जलाने के लिए फूंस हाथ में लेकर चिता की परिक्रमा की तो लोगों की आंखों से आंसू छलक गए। बहन इशिका मित्तल की अपने इकलौते भाई की चिता को जलता देख आंखें डबडबा गईं। इस दौरान विधायक राजीव तरारा, रोहताश शर्मा, डॉ. आशुतोष भूषण शर्मा, हेम सिंह आर्य, हरजीत सिंह, देवेंद्र गुड्डू, निरंजन सिंह, अरुण कुमार, अधिवक्ता ताहिर, डॉ. राजीव शुक्ला, पूर्व ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, नदीम चौधरी आदि लोग यश मित्तल की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।