बिलारी। क्षेत्र के सहसपुर गांव में प्रधानमंत्री आवास की सूची में जिस महिला लाभार्थी को ग्राम पंचायत ने अपात्र माना उस लाभार्थी का जिला मुख्यालय से पात्र की सूची में नाम आ गया। पहली किश्त की धनराशि बैंक खाते में पहुंचते ही जांच शुरू हो गई। अब परियोजना निदेशक के निर्देश के बाद बीडीओ ने लाभार्थी की पात्रता की जांच को तीन अधिकारियों की कमेटी बनाई है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में बनी ग्राम पंचायत सहसपुर के प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियाें की सूची में जिला मुख्यालय से मुन्नी का नाम पात्र के रूप में आ गया, जबकि ग्राम पंचायत द्वारा अपने प्रस्ताव में मुन्नी को अपात्र होना बताया गया था। अब लाभार्थी के सहसपुर स्थित प्रथमा बैंक खाते में पहली किश्त की धनराशि के 40 हजार रुपये आ गए हैं। ग्राम पंचायत रूस्तमनगर सहसपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी भूपेंद्र सिंह और ग्राम प्रधान शगुफ्ता सलीम अंसारी ने बताया कि ग्राम पंचायत की बैठक में जब लाभार्थियों का सत्यापन कराया गया तब जिले की सूची में संबंधित चयनित लाभार्थी को स्पष्ट रूप से अपात्र होना बताया गया था। जिसके आधार पर ग्राम पंचायत के प्रस्ताव की जानकारी मिलते ही लगभग डेढ़ वर्ष पहले तत्कालीन बीडीओ ने लाभार्थी मुन्नी के बैंक खाते से धन आहरण पर रोक लगाने का पत्र शाखा प्रबंधक को भेज दिया था।
इधर मुन्नी को भी जब आवास निर्माण की दूसरी किश्त जारी होने में देरी हुई तब मामला सीडीओ और परियोजना निदेशक तक पहुंचा। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक ने 21 नवंबर को बीडीओ बिलारी को पत्र भेजकर कहा कि लाभार्थी द्वारा यह शिकायत की जा रही है कि उसे आवास निर्माण में दूसरी किश्त मिलने में देरी की जा रही है। इसका संज्ञान लेते हुए परियोजना निदेशक ने बीडीओ को तीन सदस्यीय टीम बनाकर लाभार्थी के आवास और पात्रता की जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
खंड विकास अधिकारी चेतन्य कुमार पाठक ने बताया कि लाभार्थी मुन्नी की पात्रता की जांच मामले में तीन अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में एडीओ पंचायत बिजेंद्र सिंह, एडीओ सहकारिता अनिल कुमार त्रिपाठी और एडीओ समाज कल्याण अनुराज कुमार को शामिल किया गया है। बीडीओ के अनुसार टीम ने अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं भेजी है। उधर शुक्रवार दोपहर बाद सहसपुर के पंचायत सचिव और प्रधान प्रतिनिधि ने बीडीओ से मिलकर लाभार्थी मुन्नी के अपात्र होने की बात दोहराई।
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