मुरादाबाद। गांव त्रिलोकपुर में कृषि और आवास भूमि को आवंटन में बरती गई अनियमितता के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने पट्टे निरस्त कर दिए गए हैं। डीएम अनुज सिंह का कहना है कि अब जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। अगस्त 2023 में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की आख्या पर नायब तहसीलदार नगर और तहसीलदार की संस्तुति पर एसडीएम ने सदर तहसील क्षेत्र के गांव त्रिलोकपुर में पांच महिलाओं को करीब 0.576 हेक्टेअर भूमि आवंटित की थी। इसी प्रक्रिया के जरिये दस लोगों को करीब एक हजार वर्ग मीटर भूमि आवास के लिए आवंटित की गई थी। त्रिलोकपुर के ग्रामीणों ने डीएम से 2023 में अवैध ढंग से पट्टे पर दिए जाने की शिकायत की थी। डीएम ने एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। टीम ने जांच की तो कृषि और आवास भूमि के पट्टे में अनियमितता पाई गई। पात्र व अपात्रता के चयन का कोई आधार स्पष्ट नहीं पाए गए। टीम को माैके पर आवंटियों के आवास मिले। कुछ के पास कृषि भूमि भी पाए गए। करीब नौ बिंदुओं की जांच में अनियमितता उजागर होने पर टीम ने आवंटियों के पट्टा निरस्त करने के लिए डीएम को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।
करीब पांच करोड़ है जमीन की कीमत
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह जमीन नए बाइपास के करीब है। शहर के नजदीक होने की वजह से इस जमीन की कीमत लगभग पांच करोड़ के आसपास है।
फर्जी कागजों से अपने नाम कराई थी जमीन
मुरादाबाद। पीपलसाना गांव में एक हेक्टेयर भूमि को एक व्यक्ति ने अपने नाम कूटरचित दस्तावेजों से दर्ज करवा लिया था। एसडीएम सदर डॉ. राममोहन मीना ने मामले में जांच करने के बाद फर्जी कागजों के आधार पर जारी करवाए आदेश को निरस्त कर दिया है।