मुरादाबाद। पीतलनगरी को पर्यटकों के लिहाज से विकसित करने की दशा में नगर निगम की एक और पहल रंग लाई है। निगम ने गंदगी से पटे तालाब को अमृत सरोवर में तब्दील करके स्थानीय लोगों को बड़ी राहत दी है। साथ ही इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया है। यह तालाब बुद्धि विहार स्थित आवास विकास गोपालपुर में स्थित है, जिसका जीर्णोद्धार कर आकर्षक रूप प्रदान किया गया है। अब पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं भी इस तालाब के पास विकसित की जा रही हैं।
आवास विकास गोपालपुर में तकरीबन 3.14 एकड़ में फैले इस तालाब का नगर निगम की ओर से कायाकल्प किया गया है। पहले यहां कीचड़, मल और प्लास्टिक कचरे का ढेर लगा हुआ था। तालाब में गंदगी की वजह से पूरे मोहल्ले में दुर्गंध होने के साथ-साथ मच्छर भी पनप रहे थे। मानसून के दौरान यहां स्थिति बद से बदतर हो रही थी।
तालाब में सीवेज और गाद जमा होने से लोग बीमार हो रहे थे। नगर निगम ने मई-2024 में इस तालाब को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया था, जिसके बाद तालाब से खरपतवार, ठोस कचरे और खाद को हटाकर उसे पूरी तरह से साफ किया गया। साथ ही तालाब के आसपास हरियाली के लिए बड़ी संख्या में पौधे भी रोपे गए।
तालाब को अमृत सरोवर के रूप में तब्दील करने के बाद अब यहां पर्यटकों के लिहाज से जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पर्यटकों के मनोरजंन के लिए तालाब में में 60 मी. ऊंची वाटर स्क्रीन पर फाउंटेन शो को भी जल्द शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराए जाने की तैयारी है।
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- इन तालाबों का भी हो रहा है कायाकल्प
बुद्धिविहार के गोपालपुर के अलावा भोगपुर मिठौनी, शहपुर तिगरी, कल्याणपुर मुस्तकिम, काजीपुरा, मैनाठेर और मऊ में भी तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में तब्दील किया जा रहा है। कई स्थानों पर 80 से 90 फीसदी काम पूरे भी हो चुके हैं। यहां भी जल की गुणवत्ता को सुधारा गया है। निगम के पर्यावरण अभियंता अभिषेक कुमार के अनुसार लंबे समय से यहां तालाब उपेक्षा और प्रदूषण का शिकार हो रहे थे। इन तालाबों को काउनोमिक्सो तकनीक पर तैयार किया गया है। इस तकनीक के तहत सीवेज जल को फिर से उपयोगी बनाया गया है, जिससे पानी की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। पानी की गुणवत्ता अच्छी होने के चलते तालाब में पक्षियों, मछलियों और कछुओं ने प्राकृतिक आवास भी बना लिया है। अब तक 23 प्रजाति के पक्षी, मछली और कछुए तालाब में देखे गए हैं। इन सभी स्थलों को भी पर्यटकों के लिहाज से ही विकसित किया जा रहा है।