मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे (सांकेतिक तस्वीर)
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आखिरकार वही हुआ। जिसकी आशंका जताई जा रही थी। कमजोर और जर्जर ट्रैक के चटकने से मालगाड़ी के तीन डिब्बे बेपटरी हो गए। गनीमत बस इतनी रही कि यहां से मालगाड़ी गुजर रही थी। अगर यात्री गाड़ी होती तो भयंकर हादसा हो सकता था।
‘अमर उजाला’ ने खबरों के जरिए लगातार रेल अफसरों को सचेत किया कि मुरादाबाद मंडल रेल में पटरियां बेहद कमजोर हो चुकी हैं। इन पर ट्रेनों का संचालन खतरनाक है। इतना ही नहीं रेल पटरी चटकने और टूटने के मामले भी सामने आ रहे थे। इसके बाद भी अधिकारियों से गंभीरता नहीं दिखाई। इसी का नतीजा है कि गुरुवार सुबह मंडल के मिलक और नगरिया सादात के पास मालगाड़ी बेपटरी हो गई। हालांकि अधिकारी साफ तौर पर अभी इस पर कुछ बोलने से कतरा रहे हैं, लेकिन पांच जगह टूटी मिली रेल पटरी इसकी गवाही खुद दे रही है।
हादसे के बाद लड़खड़ाया रेल संचालन
रामपुर के मिलक में हादसा होने से रेल संचालन लड़खड़ा गया। जिसकी वजह से यात्रियों को खासी परेशानियां उठानी पड़ीं। सुबह साढ़े पांच बजे से लेकर सवा साढ़े ग्यारह बजे तक रेल संचालन बाधित रहा। दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ। इस दौरान सात ट्रेनों को चंदौसी से होकर चलाई गई, जबकि बाकी ट्रेनों को बीच में ही रोक दिया गया था।
आनंद विहार जाने वाली जन साधारण एक्सप्रेस, नई दिल्ली एसी एक्सप्रेस, राज्यरानी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, जन नायाक एक्सप्रेस ट्रेनों को चंदौसी होकर चलाया गया।