अगवनापुर। मंगलवार को एक फर्जी कॉल के कारण पीआरवी कर्मियों को करीब पैंतालीस मिनट तक नगर के कई मोहल्लों में भटकना पड़ा। पुलिस कर्मियों ने सूचना देने वाले शख्स को काफी तलाशा। इसके बाद भी उसका सुराग नहीं मिला। पुलिस कर्मी हार थक कर लौट गए। उन्होंने लखनऊ में पुलिस के कॉल सेंटर में इसकी जानकारी दर्ज कराई।
पीआरवी 265 पर तैनात पुलिस कर्मियों के मुताबिक मंगलावर शाम एक शख्स ने डायल 112 पर कॉल करके सहायता की मांग की थी। लखनऊ स्थित 112 के कॉल सेंटर में उसने बताया था कि उसका नाम पंकज रस्तोगी है। एक दिन पूर्व शेरुवा चौराहे पर उसका मोबाइल लूट लिया गया था। उसने सिविल लाइंस थाने में इस मामले में मुकदमा भी दर्ज करा दिया था। इसके बावजूद पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पाई है। वहीं अभी उसकी जान को खतरा है। उसको पुलिस को सहायता की जरूरत है। लखनऊ सेंटर से पीअरवी कर्मियों को मोबाइल नंबर समेत उसकी लोकेशन भेज दी गई। पीआरवी कर्मियों ने शेरुवा चौराहे पर पहुंचकर उसको फोन किया तो उसका मोबाइल बंद था। इसके बाद पुलिस कर्मी काफी परेशान हुए। उन्होंने लोकेशन चेक की तो वह नगर पंचायत अगवानपुर के मोहल्ला कलालपुरी स्थित मजार के पास की थी। जिसके बाद पुलिस कर्मी यहां पहुंच गए लेकिन वहां भी कॉल करने वाला नहीं मिला। पैंतालीस मिनट की तलाश के बाद पुलिस कर्मी परेशान होकर लौट गए। चौकी इंचार्ज मृदुल कुमार ने बताया कि इस नाम के किसी भी व्यक्ति ने मोबाइल लूट से संबंधित कोई शिकायत नहीं दी है।