कोरोना काल में लंबे इंतजार के बाद आईसीएसई बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परिणाम जारी कर दिए। कुल प्रदर्शन में मुरादाबाद के परिणाम में एक फीसदी की गिरावट आई है, लेकिन बोर्ड परीक्षा के परिणाम में मुरादाबाद में बेटियों ने सफलता का दबदबा कायम रखा है। परीक्षा उत्तीर्ण करने में छात्र-छात्राओं के फीसदी में सुधार आया है। इस बार भी सफलता की दर बेटियों की अधिक रही है। हालांकि छात्रों ने भी गत वर्ष की अपेक्षा इस बार सुधार किया है।
जिला समन्वयक डॉ. इंदू पारिख का कहना है कि मुरादाबाद में आठ स्कूल आते हैं। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में दो हजार विद्यार्थी पंजीकृत थे। हाईस्कूल में 13 सौ विद्यार्थी और इंटरमीडिएट में सात सौ विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। हाईस्कूल में मुरादाबाद का प्रदर्शन एक फीसदी गिरा है। इस बार हाईस्कूल में 97 फीसदी विद्यार्थी सफल हुए हैं, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा 95 फीसदी विद्यार्थियों ने उत्तीर्ण की है।
गत वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा 98 फीसदी विद्यार्थियों ने पास की थी, जबकि इंटर में 95 फीसदी विद्यार्थी ही सफल हुए थे। वहीं छात्रों के मुकाबले छात्राओं का प्रदर्शन अच्छा रहा है। 96 फीसदी छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा में बाजी मारी है, जबकि छात्रों में 94 फीसदी ही पास हो सके हैं। गत वर्ष छात्रों का स्तर 85 फीसदी और छात्राओं का स्तर 92 फीसदी था।
कोरोना के माहौल में आईसीएसई बोर्ड ने विद्यार्थियों को नुकसान नहीं होने दिया है। जिन विषयों की परीक्षा नहीं हो पाई हैं, उनके मूल्यांकन में श्रेष्ठ अंक लेने से विद्यार्थियों को फायदा ही हुआ है। कुल प्रदर्शन में भले ही एक फीसदी की गिरावट आई हो, लेकिन छात्र-छात्राओं के अलग-अलग उत्तीर्ण स्तर में सुधार होना सकारात्मकता का संदेश है। काफी दिनों के तनाव भरे माहौल में परिणाम खुशियां लेकर आया है। इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को भविष्य की संभावनाओं को तलाशना चाहिए और अपना लक्ष्य स्पष्ट कर उसी पर आगे बढ़ना चाहिए।
- डॉ. इंदू पारिख, जिला सन्वयक।