उमरी सब्जीपुर निवासी अरमान का गांव की ही एक युवती के साथ पिछले दो वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। रविवार की रात अरमान अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि वहां काजल के परिजनों ने दोनों को एक साथ देख लिया।
गुस्से में आकर परिजनों ने अरमान और काजल को पकड़ लिया और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आरोपियों ने दोनों के शवों को गांव से दूर गागन नदी के किनारे नीम करोली बाबा आश्रम के पास ले जाकर जमीन में दफना दिए।
मृतक युवक अरमान के परिजन पिछले तीन दिनों से उसकी तलाश में थाने के चक्कर काट रहे थे। युवक के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने स्थानीय पुलिस को अनहोनी की आशंका जताते हुए शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। पुलिस की इसी टालमटोल की वजह से तीन दिनों तक आरोपियों को सबूत छिपाने का मौका मिला।
हार मानकर परिजन बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के दरबार में पहुंचे और गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल कड़ा रुख अपनाया और संबंधित थानों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
भारी पुलिस बल तैनात, शव बरामद
एसएसपी के सक्रिय होते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद शवों को दफनाने वाली जगह का पता चला।
बुधवार को एसपी क्राइम, थाना कटघर, थाना मझोला, थाना मुगलपुरा और थाना मुंडा पांडे की पुलिस फोर्स ने पाकबड़ा पुलिस के साथ मिलकर गागन किनारे खोदाई शुरू कराई। घंटों की मशक्कत के बाद अरमान और काजल के शवों को मिट्टी से बाहर निकाला गया।
गांव में तनाव का माहौल
घटना के बाद से उमरी सब्जीपुर गांव में भारी तनाव व्याप्त है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव में पीएसी और कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने दोनों शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।