बिलारी (मुरादाबाद)। बिलारी थानाक्षेत्र निवासी सौरभ ने शनिवार रात युवती द्वारा ब्लैकमेलिंग किए जाने से परेशान होकर आत्महत्या की थी। यह आरोप लगाकर उसकी पत्नी ने रविवार को बिलारी थाने में शिकायत की। जिसके आधार पर पुलिस ने युवती के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज की। आरोपी युवती को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसको जेल भेज दिया गया है।
बिलारी के राम विहार कालोनी निवासी सौरभ की पत्नी अंजलि गुप्ता का आरोप है कि मझोला की उत्तरांचल कालोनी में रहने वाली युवती द्वारा उनके पति को ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की जाती थी। जबकि दोनों के बीच वाद-विवाद का निर्णय न्यायालय द्वारा किया जा चुका था। 28 फरवरी 2017 को उनके पति को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया था। लेकिन युवती द्वारा लगातार फोन कर सौरभ को धमकी दी जाती थी। इसी क्रम में एक झूठा प्रार्थनापत्र पुलिस को दिया गया। जिस पर शुक्रवार को महिला थाना एसओ ज्योति सिंह शाम करीब सवा पांच बजे घर आई और अगले दिन सौरभ को महिला थाने बुलाया। शनिवार को सौरभ और उनके परिवार के लोग सीओ (एएसपी) सिविल लाइन के आफिस पहुंचे। जहां युवती और महिला थाना एसओ साथ-साथ आईं। आरोप है कि वहां पर युवती ने सौरभ को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी और डेढ़ लाख रुपये मांगे।
रविवार तक रुपयों की व्यवस्था करने के लिए कहा था, ऐसा न होने पर जेल भिजवाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। अंजलि का आरोप है कि इस वजह से उसका बेरोजगार पति मानसिक रूप से टूट गया। सीओ कार्यालय से घर आने के बाद सौरभ ने शनिवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि सौरभ की मौत की जिम्मेदार युवती ही है। युवती के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई। एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी युवती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
जब फोन नहीं उठा तब परिवार को सौरभ की मौत का पता चला
बिलारी। शनिवार की देर शाम सौरभ गुप्ता एएसपी आफिस से अपने घर पहुंचा। एक घंटे तक परिजनों के साथ बातचीत करने के बाद वह मकान के निचले हिस्से में दुकान के पीछे बने छोटे कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजे बंद कर लिए। परिजनों ने समझा कि शायद घर के बाहर सड़क पर टहलने गया है। लगभग दस बजे तक जब सौरभ मकान के ऊपर के हिस्से में अपने कमरे में नहीं पहुंचा तब उसकी पत्नी को चिंता हुई। अंजलि और अन्य परिजनों ने पहले तो उसके मोबाइल पर कई बार फोन किया। जब उसका मोबाइल फोन नहीं उठा तब नीचे के कमरे पर जाकर दरवाजे पर आवाज दी। अंदर से कोई आवाज न आने पर परिजन चिंतित हो गए। बाद में उन्होंने जब दरवाजा तोड़ा तब सौरभ का शव छत के कुंडे में फंदे पर लटका मिला देख वह सन्न रह गए। सौरभ द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने की खबर पर आधी रात को बड़ी संख्या में सरकारी अस्पताल पर लोग जमा हो गए। यहां नगरपालिका सभासद रानू चौधरी, देवेश शर्मा एडवोकेट, चेतन चौधरी सहित गणमान्य लोग पहुंचे।
महिला थाने से लौटकर अधिक तनाव में था मृतक
बिलारी। शनिवार की देर शाम महिला थाना मुरादाबाद से लौटने के बाद मृतक सौरभ गुप्ता अधिक मानसिक तनाव में हो गया था। इस बात का अहसास उसके परिजनों को भी था लेकिन ऐसी उम्मीद नहीं थी कि वह आत्हत्या कर लेगा। परिजनों का यह भी कहना है कि वर्ष 2015 में जब युवती ने सौरभ के खिलाफ मुकदमा लिखवाया था तब भी उसेे राजी करने के लिए रकम देनी पड़ी थी। सौरभ की पत्नी अंजलि ने स्वीकारा कि मुरादाबाद से आकर उसका पति गुमसुम हो गया और खाना भी नहीं खाया तथा बच्चों से बात भी नहीं की।
पूर्व पालिका सभासद का बेटा था मृतक सौरभ
बिलारी। सौरभ गुप्ता की मां मिथलेश गुप्ता नगरपालिका परिषद बिलारी में सभासद रही हैं। सौरभ के पिता स्व. अशोक कुमार आर्य नगरपालिका बिलारी के वरिष्ठ लेखाकार थे। सौरभ के परिवार में उसकी पत्नी अंजलि गुप्ता के अलावा दो छोटी छोटी बेटियां हैं।