फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गजवा-ए-हिंद साजिश केस: बारह दिन से एटीएस की रडार पर था अजमल और उसका परिवार, अमरोहा में एटीएस ने की थी पूछताछ

Tue, 05 Aug 2025 02:37 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

गजवा ए हिंद केस में अमरोहा का अजमल अली को गिरफ्तार किया गया है। उससे एटीएस ने कई बार पूछताछ की थी। अजमल के पकड़े जाने के बाद मोहल्ले के लोग हैरान है। स्थानीय पुलिस भी इसकी जांच करने में जुट गई है।
विज्ञापन
अजमल और उसामा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में एटीएस द्वारा गिरफ्तार अजमल अली करीब दो सप्ताह से एटीएस की रडार पर था। करीब 12 दिन पहले एटीएस के अधिकारी उनके घर पहुंचे थे और दो घंटे पूछताछ के बाद तीनों पिता-पुत्र को अपने साथ ले गई थी। मुरादाबाद में किसी गुप्त स्थान पर पूछताछ के बाद शाम को छोड़ दिया था।

विज्ञापन


नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के गांव देहरा निवासी असगर खान का बेटा अजमल अली बीएससी का छात्र है, जबकि असगर खान कस्बा में स्थित एक डिग्री काॅलेज में संविदा शिक्षक हैं। इसके अलावा घर पर जैकेट सिलाई का काम भी करते हैं। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे अनस व अजमल और एक बेटी भी है।

अनस भी जैकेट सिलाई का काम करता है। असगर खान मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनका मंझला बेटा अजमल बिजनौर के एक डिग्री काॅलेज में बीएससी का छात्र है। बेहद शांत स्वभाव का अजमल गांव में लोगों से बात नहीं करता था। उसकी गांव में किसी से दोस्ती भी नहीं है।

विज्ञापन

करीब 12 दिन पहले एटीएस की टीम में शामिल छह लोग उनके घर पहुंचे और खुद को एटीएस के अधिकारी बताते हुए गेट बंद कर लिया। करीब दो घंटे पूछताछ करने के बाद असगर खान, अनस और अजमल को अपने साथ ले गए थे। तीनों पिता-पुत्रों से मुरादाबाद में किसी स्थान पर पूछताछ की गई और शाम को उन्हें घर भेज दिया था।

एटीएस की पूछताछ का यह सिलसिला तीन दिन तक चलता रहा। आठ दिन पहले टीम अजमल और उसके पिता को अपने साथ लखनऊ ले गई थी। वहां भी दोनों से चार दिन तक रोजाना पूछताछ की गई। एटीएस की पूछताछ के चलते पिता-पुत्र एक होटल में रुकते थे। इसके बाद एक अगस्त को एटीएस ने अजमल को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अजमल अली की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिले की खुफिया एजेंसी ने भी अजमल अली के गांव पहुंचकर बारीकी से पूरी जानकारी जुटाई है। सीओ अवधभान भदौरिया ने अजमल की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि नौगांवा सादात थाने में अजमल या उनके परिवार के किसी सदस्य का आपराधिक रिकार्ड नहीं है।

अजमल की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों में दबी जुबान में उसके व्यवहार को लेकर चर्चा रही। परिजनों ने घर का गेट बंद रखा और उन्होंने किसी से बात नहीं की है।

अजमल अली पर ये है आरोप
यूपी एटीएस के द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक अजमल अली रिवाइविंग इस्लाम ग्रुप में जुड़ा हुआ था। इस ग्रुप में तीन एडमिन समेत 400 पाकिस्तानी सदस्य हैं। अजमल अली विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्र विरोधी व गैर मुस्लिम धर्म के व्यक्तियों के प्रति कट्टरपंथी विचारधारा को प्रसारित-प्रचारित कर रहा था।

इतना ही नहीं रिवाइविंग इस्लाम ग्रुप के अलावा वह अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी कई पाकिस्तानी व्यक्तियों के संपर्क में था। अजमल अली महाराष्ट्र राज्य के जिला ठाणे के थाना बादलापुर पश्चिम के दरगाह बदलापुर गांव के रहने वाले डॉ. उसामा माज शेख को अपना सीनियर और गुरु मानता था।

विज्ञापन

अजमल अली की डॉ. उसामा से उसकी इंस्टाग्राम व सिग्नल एप के माध्यम से भारत विरोधी बातें होती थी। भारत की चुनी हुई सरकार गिरकर शरिया लागू करने की बात की जाती थी। हिंसात्मक जिहाद के माध्यम से भारत में गजवा-ए-हिंद करके शरिया का कानून लागू करना चाहते थे। इस मामले में एटीएस ने अजमल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

बाद में उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इसके बाद एटीएस ने सोमवार को डॉ. उसामा माज शेख को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी नवयुवकों को गैर मुसलमानों के प्रति भड़काकर उनमें रोष पैदा करते थे, उन्हें भारत विरोधी और अपराधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें