दो जनपदों की पुलिस और एटीएस की टीम को चकमा देकर एक लाख का इनामी बदमाश आदित्य बुधवार को अदालत में पहुंच गया। मुरादाबाद पुलिस छोटे अपराधियों से मुठभेड़ का खेल खेलती रह गई, लेकिन आदित्य तक पहुंचने में कामयाब नहीं हो पाई। पुलिस की इसी नाकामी का फायदा उठाकर उसने फरार होने के बाद बिजनौर में दो हत्याएं भी कर दीं।
सिविल लाइंस के जहांगीर आलम हत्याकांड के आरोप में पुलिस ने आदित्य को जेल भेजा था। जिला कारागार में बंद हत्यारोपी आदित्य को तीन अगस्त 2017 को अदालत में पेशी पर लाया गया था। सिपाहियों ने उसे अदालत में पेश किया। इसके बाद सिपाही उसे वापस सेशन हवालात में लेकर जा रहे थे। इसी दौरान वह अपने साथी विशाल की मदद से सिपाही की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर फरार हो गया था। आदित्य के फरार होने के बाद से सिविल लाइंस थाने की पुलिस और एसओजी की टीम उसकी तलाश में जुटी थीं।
हर बार वह पुलिस पर फायर करके भागने में कामयाब होता रहा। इस दौरान उसने बिजनौर में दो हत्याएं भी कर दीं। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। बिजनौर पुलिस और एसओजी की टीम, मुरादाबाद पुलिस और एसओजी की टीम के अलावा एटीएस की टीम भी आदित्य की तलाश में जुटी थी। लेकिन आदित्य पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। आदित्य की गिरफ्तारी को लगाई गई पुलिस टीम तीन माह तक उसे ढूंढने का नाटक करती रही। लेकिन आदित्य ने इस बीच कई घटनाओं को अंजाम दे डाला। अब मुरादाबाद पुलिस उसे रिमांड पर लेने के लिए अदालत में रिमांड अर्जी लगाएगी।