नालों पर स्थाई निर्माण कर मकान-दुकान बनाने वालों पर अफसर एकाएक हाथ डालने को तैयार नहीं हैं। निगम अफसर नाला-सड़क कब्जाने वाले दबंगों पर कार्रवाई करने से डर रहे हैं। इससे अतिक्रमण करने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है।
अतिक्रमण के विरोध में लोगों द्वारा लगातार शिकायतें की जाती रहीं। लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। ऐसे में नालों को 50-100 मीटर तक कंक्रीट से पाटकर ऊपर स्थाई निर्माण करा लिया गया। निगम ने इनको नोटिस तक देना जरुरी नहीं समझा। अब हालात यह हैं कि मुख्य शहर में 70 फीसदी वार्ड में स्थाई कब्जे कर लिए गए हैं।
दबंगों ने नालों को पाटकर मकान बना लिए हैं। लोगों की रसोई और बेडरूम तक नालों के ऊपर हैं। इन कालोनियों में है सबसे ज्यादा कब्जा -पुराने शहर में 80 फीसदी क्षेत्रों में नालों के ऊपर मकान व दुकान बना लिए गए हैं।
जयंतीपुर, असालतपुरा, प्रिंस रोड, इंदिरा चौक, जामा मस्जिद क्षेत्र, तड़ीखाना, खादी आश्रम रोड, गोहट्टी, बुद्धबाजार, अमरोहा गेट, बारादरी, कटघर, प्रभातनगर, नवाबपुरा, नागफनी, फकीरपुरा, रामतलैया व एकता कालोनी में नालों के ऊपर लोगों ने दुकान - मकान बना लिए हैं। यहां नालों की सफाई कराया जाना संभव नहीं है।
नालों पर कई जगह स्थाई निर्माण कर लिए गए हैं। वहां पर बंद नालों में सफाई कराना संभव नहीं है। इसके लिए एक छोटी पोकलैंड मशीन खरीदी जा रही है। नालों के स्थाई अतिक्रमण की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसको निगम कार्यकारिणी के समझ रखा जाएगा। कार्यकारिणी से प्राप्त निर्देशों केे आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
- अवनीश कुमार शर्मा, नगर आयुक्त।
नालों पर अतिक्रमण को हटाने का प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए। किसी को सरकारी संपत्ति पर कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। कब्जा काफी पुराना है, लेकिन इसको हटाने की जरूरत है। महापौर और नगर आयुक्त से बातचीत के बाद इसको कार्यकारिणी में रखा जाएगा।