रेलवे का सामान चोरी करने और खरीदने वाले गिरोह का रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में चार आरोपियों और तीन कबाड़ियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से एक अप्रैल को चुराया गया सामान भी बरामद हुआ है। आरपीएफ को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है।
यह मामला कांठ क्षेत्र का है। यहां पेली विश्नोई क्रासिंग से आगे जंगल में रेलवे क्रासिंग 435-बी पर रात में गेटमैन की ड्यूटी नहीं रहती है। इसका लाभ उठाकर एक अप्रैल को चोरों ने क्रासिंग से हजारों रुपये का लोहे का कीमती सामान चोरी कर लिया था। घटना से रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया था। इस मामले में वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल मुरादाबाद मनोज कुमार ने एक टीम का गठन कर चोरी का खुलासा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद टीम कांठ क्षेत्र में आरोपियों की तलाश में लगी हुई थी।
गुरुवार को आरपीएफ टीम ने कांठ के शिवम निवासी महमूदपुर माफी, भोला ईदगाह नईबस्ती कांठ, शाहिद, गुड्डू निवासी मोहल्ला पृथ्वीगंज को पकड़ लिया। चोरों को कांठ स्थित आरपीएफ चौकी लाया गया। यहां पूछताछ के दौरान उन्होंने सामान चुराना स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चोरी किए गए सामान को कांठ के उमरी कलां मोहल्ला ठेकेदारान निवासी कबाड़ी जमील अहमद, आबिदपुरा के सरफाराज और उमरी चौराहा निवासी फिरोज को बेचा था। इसके बाद टीम ने छापा मारकर तीनों कबाड़ियों को भी पकड़ लिया। यहां से चोरी का सामान और एक ई-रिक्शा भी बरामद हुआ। इसे कब्जे ले लिया गया है। आरपीएफ धामपुर थाने के उपनिरीक्षक विकल चौधरी ने बताया कि सातों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
टीम में ये रहे शामिल
आरपीएफ के एएसआई इंद्रपाल सिंह, एएसआई आनंद सिंह बिष्ट, कांस्टेबिल बिजेंद्र कुमार, उमेश कुमार, दीपक कुमार, हैड कांस्टेबिल हेम सिंह सैनी, मोहम्मद फरीद रहे।
काफी समय से चोरी कर रहे थे रेलवे का सामान
रेलवे का सामान चोरी करने और उसे खरीदने वाला गिरोह काफी समय से सक्रिय थे। एक अप्रैल से पहले भी इस गिरोह के सदस्यों ने ही चोरी की काफी वारदातों को अंजाम दिया था।
आरोपियों को छुड़वाने के लिए हुईं सिफारिशें
रेलवे का चुराया हुआ सामान खरीदने और बेचने वाले गिरोह के कुछ सदस्यों को आरपीएफ की गिरफ्त से छुड़वाने के लिए पूरा दिन सफेदपोशों की सिफारिशें आती रहीं। लेकिन टीम ने किसी को भी छोड़ने से इनकार कर दिया।