फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जान गंवाने वाले किसान का अंतिम संस्कार

विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के डिबडिबा गांव निवासी नवरीत सिंह (25) की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक उसकी मौत दिल्ली में आईटीओ के पास पुलिस की गोली से हुई है। दिल्ली से मंगलवार की देर रात उसका शव रामपुर के जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम के बाद गांव में बुधवार दोपहर बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। राजस्थान के गंगानगर गुुुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरदीप सिंह के पौत्र नवरीत की अंत्येष्टि के वक्त बड़ी संख्या में किसान, राजनीतिक दलों के नेता और अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन

परिजनों के मुताबिक नवरीत सिंह पांच दिन पहले किसान आंदोलन में गाजीपुर बॉर्डर गया था। वह मंगलवार को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड में शामिल हुआ था। नवरीत के पिता साहब सिंह ने बताया कि मंगलवार की सुबह उससे जब बात हुई थी तो नवरीत ने बताया था कि वह अपने दोस्त का ट्रैक्टर चला रहा है और आंदोलन में शामिल है। इसके कुछ देर बाद उन्हें पता चला कि दिल्ली पुलिस ने उनके बेटे को गोली मार दी है, जिससे उसकी मौत हो गई है। नवरीत अपने माता-पिता का एकमात्र बेटा था।
दिल्ली से नवरीत की मौत की जानकारी मिलने के बाद रामपुर में पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया। मंगलवार की देर रात उसका शव रामपुर जिला अस्पताल लाया गया। यहां कड़ी सुरक्षा के बीच चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव उसके गांव भेज दिया गया। बुधवार को दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम संस्कार के समय जिला ही नहीं आसपास क्षेत्र के भी काफी लोग मौजूद रहे। भीड़ देख फोर्स भी सक्रिय बनी रही।
विज्ञापन

परिजनों का दावा है कि उसकी मौत दिल्ली पुलिस की गोली से हुई है। वहीं, दूसरी ओर से एएसपी संसार सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मौत की वजह सिर में चोट लगना है। ट्रैक्टर पलटने से उसके सिर में चोट लग गई थी, जो उसकी मौत की वजह बनी। उन्होंने एएसपी ने कहा कि नवरीत के शव पर बुलेट इंजरी नहीं मिली है।
नवरीत के दादा ने केंद्र सरकार को ठहराया जिम्मेदार
बिलासपुर। नवरीत के दादा हरदीप सिंह ने उसकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
हरदीप सिंह के अनुसार, वह किसानों के आंदोलन पर पुस्तक लिखने की तैयारी में खुद भी दिल्ली गए थे। कुछ दिन पूर्व ही दिल्ली से आए हैं। उनका कहना है कि वह अब तक कई आंदोलनों पर किताब लिख चुके हैं। इसके अलावा दो उपन्यास भी लिखे हैं। उनकी पुस्तकें हिंदी व पंजाबी भाषा में हैं। मगर, उन्हें यह नहीं मालूम था कि किसान आंदोलन की पुस्तक में उन्हें अपने पौत्र की शहादत को भी लिखना पड़ेगा।
दादा और पिता ने संयुक्त रूप से दी मुखाग्नि
बिलासपुर (रामपुर)। नवरीत के अंतिम संस्कार में डिबडिबा गांव में जुटे लेगों के चेहरों पर गम और गुस्सा नजर आया।
अंतिम संस्कार के समय आसपास क्षेत्र के अलावा उत्तराखंड के किसान भी डिबडिबा पहुंचे। बुधवार अपराह्न करीब दो बजे फार्म हाउस के समीप एक खेत में नवरीत का अंतिम संस्कार किया गया। दादा और पिता ने संयुक्त रूप से चिता को मुखाग्नि दी। गुरुद्वारा खुबियानंगल के सचिव भाई हरदीप सिंह ने अरदास कराई। दिल्ली कारसेवा वाले बाबा अनूप सिंह जी ने कहा कि उनके क्षेत्र के दो किसानों की शहादत बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। किसानों की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी। उनका आरोप था कि सरकार ने दिल्ली की किसान रैली के रूट का कोई नक्शा नहीं दिया था और युवाओं को कुछ लोगों ने बरगला दिया था। उन्होंने घटना के लिए सरकार को दोषी ठहराया। अंतिम संस्कार के दौरान आला अफसरों ने दूरी बनाए रखी।
स्टडी वीजा पर आस्ट्रेलिया गया था नवरीत
रामपुर। नवरीत सिंह पांच साल पहले स्टडी वीजा पर आस्ट्रेलिया गया था। नवरीत के पिता साहब सिंह के अनुसार बिलासपुर क्षेत्र के ही मिलकखानम थाना क्षेत्र के ग्राम माठखेड़ा निवासी मनस्वीट कौर भी स्टडी वीजा पर आस्ट्रेलिया में थी। वहां दोनों ने शादी कर ली थी। नवरीत एक होटल में नौकरी शुरू कर दी थी। कुछ समय पहले वहां से वापस आने के बाद गांव में खेतीबाड़ी शुरू कर दी थी। बताया कि उनके पास करीब दस एकड़ भूमि है। नवरीत इसी पर खेती करता था। साथ में दूसरे काश्तकारों की भी जमीन ठेके पर लेकर फसल बोता था।
वीडियो कॉल से पत्नी व बहन ने किए अंतिम दर्शन
बिलासपुर। आस्ट्रेलिया में होने के कारण नवरीत सिंह की पत्नी मनस्वीट कौर पति के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकी थीं। मनस्वीट ने वीडियो कॉल करके पति के अंतिम दर्शन किए। नवरीत की इकलौती बहन कनाडा में रहती हैं। वह भी गम के इस मौके पर वीडियो कॉल के माध्यम से परिवार से जुड़ सकीं।
अधिकारी पल-पल का अपडेट देते रहे शासन को
रामपुर। नवरीत सिंह की मौत की खबर मिलने के बाद मंगलवार की देर रात नवरीत का शव जब रामपुर जिला अस्पताल लाया गया उससे पहले ही वहां पुलिस तैनात कर दी गई। मंगलवार की रात ही मुरादाबाद से आईजी रमित शर्मा रामपुर पहुंच गए थे। बरेली से एडीजी अविनाश चंद्र और मुरादाबाद से कमिश्नर वीरेंद्र कुमार सिंह बुधवार की सुबह रामपुर पहुंचे। एसपी शगुन गौतम बिलासपुर क्षेत्र में मौजूद रहे। हालांकि कोई अधिकारी डिबडिबा गांव नहीं गया। टीम से मौके की जानकारी लेकर शासन को अपडेट देते रहे। भाजपा का किसी नेता का भी डिबडिबा न पहुंचना चर्चा में रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें