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आत्मरक्षा के क्षेत्र में आधी आबादी के सपनों को उड़ान दे रहीं निधि

Mon, 20 Feb 2023 06:02 PM IST
ranjeett ranjeett अमर उजाला ब्यूरो मुरादाबाद
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मुरादाबाद - फोटो : अमर उजाला
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मुरादाबाद। अवंतिका काॅलोनी निवासी निधि गुप्ता शहर की महिलाओं और युवतियों के लिए सौंदर्य और आत्मरक्षा के क्षेत्र में प्रेरणास्त्रोत हैं।  स्कूल-कॉलेज में कार्यशालाओं का आयोजन करने के अलावा नि:शुल्क ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करती हैं। निधि ने बताया कि उनका सपना मुरादाबाद की अधिक से अधिक युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करना है।
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  उन्होंने दावा किया कि अब तक वह करीब पांच हजार युवतियों और महिलाओं को मेकओवर व सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दिलवा चुकी हैं। निधि गुप्ता ने बताया कि उनका सपना एयर होस्टेस बनने का था। इसके लिए वह प्रशिक्षण भी ले चुकी थीं।
   आखिरी चरण के प्रशिक्षण के लिए उन्हें विदेश जाना था। इसके लिए उनके पास कॉल आ गई थी, लेकिन उसमें शर्त थी कि एक साल तक वह भारत वापस नहीं आएंगी। दूसरे देश में बेटी की सुरक्षा के लिए चिंतित माता-पिता ने निधि को विदेश जाने की अनुमति नहीं दी।
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 वर्ष 2004 में उनकी शादी सीए गौरव गुप्ता से हो गई। उन्होंने बताया कि गौरव हमेशा मुझे अपने जीवन में कुछ अलग करने के लिए प्रेरित करते थे। उनके प्रोत्साहन की वजह से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और एक स्कूल में शिक्षिका की नौकरी करने लगीं, लेकिन यहां पर भी उन्हें संतुष्टि नहीं हुई।
 अपनी अलग पहचान बनाने के लिए उन्होंने सीए के विद्यार्थियों के लिए एक कोचिंग सेंटर की शुरुआत की। कठिन परिश्रम के बाद यह कोचिंग सेंटर अच्छा चलने लगा। इसके बाद फिर वही प्रश्न आ गया कि अब आगे क्या करना है। 
 सौंदर्य के क्षेत्र में जाने के लिए सास-ससुर ने बढ़ाया हौसला: निधि गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2013 में विवाहित महिलाओं के लिए एक सौंदर्य प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा था।
 इसकी जानकारी जब पति को दी तो उन्होंने भरोसा व्यक्त करते हुए साक्षात्कार देने को कहा। साक्षात्कार के बाद फाइनल मुकाबले के लिए यूएस जाना था।  उन्होंने बताया कि परिवार में दो छोटी बेटियों को छोड़कर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थीं, लेकिन सास-ससुर ने हौसला बढ़ाया।
 उनके कहने पर मैं फाइनल मुकाबले के लिए गई और वहां सेकेंड रनरअप का टाइटल मिला। इसके बाद मुझे अलग पहचान मिली। लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ गई थीं।
  इसके बाद मैंने महिलाओं को जागरूक करने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ब्यूटी प्रतियोगिताएं आयोजित करवाईं।

विदेशी महिलाओं ने लिया प्रशिक्षण
कोरोना संक्रमण काल में महिलाओं को पार्लर जाने की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इसको देखते हुए घर पर ही सुंदर कैसे दिखें, इसके लिए नि:शुल्क ऑनलाइन क्लास शुरू की। इसमें ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी की कुछ महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया। सोशल मीडिया पर अब करीब 31 हजार फॉलोअर्स हैं। स्टोरी देखने और लाइक करने वालों की संख्या लाखों में है।
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