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Moradabad News: हाथी से बिछड़ रहे साथी, केतली का बढ़ रहा कारवां

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मुरादाबाद। 2007 में बहुमत के साथ प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने वाली बसपा पश्चिमी यूपी में कमजाेर पड़ने लगी है। हाथी के साथी लगातार बिछड़ते जा रहे हैं। 2012 से अब तक वेस्ट यूपी के 15 से अधिक बसपाई पार्टी से दूर हो चुके हैं। इसमें हालिया नाम नगीना के पूर्व सांसद गिरीश चंद्र का जुड़ गया है। वहीं बसपा की कमजोरी आसपा को ऑक्सीजन दे रही है। पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है।
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2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पार्टी सत्ता से बाहर हो गई। इसके बाद पार्टी का गिरता जनाधार उठ न सका। 2012 से 2024 तक तीन बार विधानसभा और तीन बार लोकसभा के चुनाव हुए। मुरादाबाद मंडल में बसपा तीनों विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी। 2019 के लोकसभा चुनाव सपा से गठबंधन के सहारे पार्टी मुरादाबाद मंडल की तीन सीटें जीतने में कामयाब रही। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में अकेले उतरी बसपा 2019 की सफलता को नहीं दोहरा पाई। वहीं बसपा के गिरते जनाधार के बीच हाथी के साथियों के बिछड़ने का सिलसिला शुरू हो गया, जो अभी भी जारी है।

कभी पश्चिमी यूपी में पार्टी का चेहरा रहे 15 से अधिक पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और पदाधिकारी अब बसपा में नहीं हैं। कुछ को बसपा प्रमुख मायावती ने अनुशासनहीनता का हवाला देकर पार्टी से निकाल दिया तो कुछ ने खुद ही बसपा से किनारा कर लिया। इसमें पूर्व सांसद वीर सिंह, पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान, पूर्व सांसद दानिश अली प्रमुख नाम रहे। सोमवार को इस सूची में नगीना से 2019 में पार्टी के टिकट पर सांसद चुने गए गिरीश चंद्र का भी नाम शामिल हो गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया।
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एक ओर जहां बसपा का लगातार जनाधार गिर रहा है। वहीं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का जनाधार बढ़ रहा है। पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद नगीना से पहली बार सांसद चुने गए। आसपा ने यूपी के उपचुनाव में बसपा से बेहतर प्रदर्शन किया। पार्टी कुछ सीटों पर बसपा से आगे रही।

मंडल में तीन चुनावों में बसपा का स्कोर जीरो

- बसपा के गिरते जनाधार का इस बात से भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले तीन विधानसभा चुनाव में मुरादाबाद मंडल में पार्टी का स्कोर जीरो रहा। पार्टी मंडल में एक भी सीट नहीं जीत सकी। मंडल की 27 विधानसभा सीटों में से अधिकांश पर बसपा लड़ाई से बाहर ही रही।



कुंदरकी उपचुनाव में तीसरे नंबर रही आसपा
- कुंदरकी उपचुनाव में आसपा तीसरे नंबर पर रही थी। जबकि बसपा पांचवें स्थान पर पहुंच गई थी। आसपा के प्रत्याशी चांदबाबू को 14201 वोट मिले थे। बसपा उम्मीदवार रफतउल्लाह को सिर्फ 1099 मत ही हासिल हुए। चाैथे नंबर पर एआईएमआईएम रही। एआईएमआईएम को बसपा से अधिक 8111 वोट मिले थे।
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पार्टी से निकाले गए व छोड़ने वाले बसपाई

- वीर सिंह, पूर्व राज्यसभा सांसद

- दानिश अली, पूर्व सांसद, अमरोहा

- मलूक नागर, पूर्व सांसद, बिजनाैर
- गिरीश चंद्र, पूर्व सांसद, नगीना

- अकीलुर्रहमान, पूर्व मंत्री

- अकबर हुसैन, पूर्व मंत्री

- प्रशांत गाैतम, पूर्व मंत्री

- विजय यादव, पूर्व विधायक

- दीपक कुमार, पूर्व विधायक

- मोहम्मद गाजी, पूर्व विधायक, बढ़ापुर
- सुबोध परासर, पूर्व एमएलसी

- अशोक राणा, पूर्व विधायक

- जगपाल, पूर्व विधायक

- अनिल चाैधरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, मुरादाबाद

- फिजाउल्लाह चाैधरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
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