हकीमपुर रेलवे स्टेशन पर ड्राइवर की गलती के चलते शुक्रवार तड़के इंजन पटरी से उतरकर मिट्टी में धंस गया। ड्राइवर ने सिग्नल ना होने के बावजूद ट्रेन चला दी, जिस कारण ये हादसा हुआ। हादसे से मुरादाबाद गाजियाबाद रूट भी बाधित हुआ।
करीब छह ट्रेनें प्रभावित हुईं। दोनों ड्राइवर एनपी सक्सेना और सुनील कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। नियमानुसार दोनों को जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद बर्खास्त कर दिया जाएगा। गुरुवार रात सीतापुर कैंट से खाली टैंक की गुड्स ट्रेन मुरादाबाद मंडल को मिली थी।
ट्रेन भूल गोदाम (राजस्थान) से तेल भरने के लिए जा रही थी। मुरादाबाद स्टेशन से निकलने के बाद हकीमपुर स्टेशन पर ट्रेन को रूट क्लियर नहीं होने के कारण लूप लाइन में रोक दिया गया। मेन लाइन पर एसी एक्सप्रेस खड़ी हुई थी। सुबह पांच बजे के लगभग एसी एक्सप्रेस को चलाने के लिए ग्रीन सिग्नल हुआ।
मालगाड़ी के ड्राइवर ने उसे अपना सिग्नल समझकर ट्रेन चला दी। गनीमत रही कि स्टेशन मास्टर ने नियमानुसार मालगाड़ी के लिए सैंड हंप के लिए पाट बना रखा था। ट्रेन सैंड हंप वाले ट्रैक पर दौड़ गई। जब तक ड्राइवर अपनी गलती समझकर ब्रेक लगाता तब तक इंजन के छह चक्के पटरी से उतर कर बालू में धंस गए।
ट्रेन के पटरी से उतरने के बाद स्टेशन मास्टर ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। एडीआरएम सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। थोड़ी देर के लिए यातायात रोक दिया गया। जिससे लखनऊ नई दिल्ली राजधानी एक्स.(12469), गरीब रथ एक्स. (22407), नौचंदी एक्स. (14511), लखनऊ चंडीगढ़ एक्स. (15011), फैजाबाद दिल्ली एक्स. (14205), सत्याग्रह एक्सप्रेस (15273) एक घंटे से आधा घंटा लेट हो गईं।
स्टेशन मास्टर की सतर्कता से बचा हादसा- हकीमपुर स्टेशन मास्टर ने सुबह मालगाड़ी को लूप लाइन में लेने के बाद रेड सिग्नल दिया था। साथ ही मालगाड़ी जिस ट्रैक पर खड़ी थी उसकी रूट मुख्य लाइन के बजाय सैंड हंप ट्रैक की ओर बनाया था। अगर सैंड हंप की ओर पाथ ना बनाया होता तो निश्चित ट्रेन दूसरी लाइन पर जा रही एसी एक्सप्रेस से टकरा जाती।